पठानकोट में मिलावटखोरों पर स्वास्थ्य विभाग सख्त:सुबह तड़के की गई छापेमारी, अब फलों और रेहड़ी वालों की भी होगी चेकिंग, DHO बोले-लोग करें शिकायत, नाम रखा जाएगा गुप्त

पठानकोट में मिलावटखोरों पर स्वास्थ्य विभाग सख्त:सुबह तड़के की गई छापेमारी, अब फलों और रेहड़ी वालों की भी होगी चेकिंग, DHO बोले-लोग करें शिकायत, नाम रखा जाएगा गुप्त

मिलावटखोरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की गई मुहिम से तहत सोमवार सुबह कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुबह 5 बजे शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर नाकेबंदी कर दूध और पनीर की सप्लाई करने वाले वेंडरों के सैंपल लिए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं डेजिग्नेटेड फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. पुनीत जमवाल के नेतृत्व में विभाग की टीम ने शहर के ढाकी रोड, सुंदर नगर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कॉलेज रोड पर छापेमारी की गई।
10 वेंडरों के लिए दूध और पनीर के सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस दौरान शहर में दूध और पनीर की सप्लाई लेकर आ रहे वाहनों को रोककर उनकी सघन चेकिंग की गई। टीम ने करीब 10 अलग-अलग वेंडरों के दूध और पनीर के सैंपल भरे। डॉ. पुनीत जमवाल ने बताया कि सेहत मंत्री पंजाब और एफडीए कमिश्नर के सख्त निर्देशों पर यह मुहिम चलाई गई है।
खरड़ भेजे जाएंगे सैंपल
डेजिग्नेटेड फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. पुनीत जमवाल ने बताया कि इन सैंपलों को तुरंत जांच के लिए खरड़ लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने में सामान्यत 14-15 दिन लगते हैं। यदि व्यापारी रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होता, तो उसे अपील का मौका दिया जाता है। फाइनल जांच गाजियाबाद (यूपी) स्थित केंद्रीय लैब से करवाई जाती है।
उन्होंने कहा कि यह दूध और पनीर हलवाइयों और मिठाई की दुकानों पर बिकता है, जिसका सीधा असर आम जनता की सेहत पर पड़ता है। फलों और रेहड़ी वालों की भी होगी चेकिंग
डॉ. जमवाल ने स्पष्ट किया कि विभाग को अब फलों और जूस/चाट के स्टालों की चेकिंग के भी लिखित आदेश प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाजार और मुख्य सड़कों पर लगने वाले स्टालों की गहन जांच की जाएगी। जो इंसान कुछ भी खाने-पीने का सामान बेच रहा है, विभाग उसकी जांच करने के लिए अधिकृत है।
पहले वार्निंग दी अब सख्त कार्रवाई
डॉ. जमवाल ने मिलावटखोरों को सख्त हिदायत देते कहा कि कई जगह पहले ही वार्निंग दी जा चुकी है और दोबारा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डेयरी और मिठाई कारोबारियों को हिदायत दी है कि वे जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। उन्होंने कहा कि विभाग कतई नहीं चाहता कि पठानकोट के किसी भी निवासी की सेहत को नुकसान पहुंचे। सभी वेंडर्स सुनिश्चित करें कि उनके उत्पाद 100% शुद्ध और साफ-सुथरे हों। अन्यथा, विभाग कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
‘कैल्शियम कार्बाइड’ का इस्तेमाल न करें
DHO ने फल विक्रेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आजकल फलों को समय से पहले पकाने के लिए हानिकारक कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जा रहा है, जो कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने लोगों को बेमौसमी फलों से बचने और केवल सीजनल फल व सब्जियां खाने की सलाह दी है। साफ-सफाई पर जोर: ग्लव्स और मास्क अनिवार्य
दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए पठानकोट स्वास्थ्य विभाग ने कई नियम अनिवार्य किए हैं। इनमें खाना सर्व करते समय ग्लव्स (दस्ताने) और मास्क का प्रयोग करने, सिर पर टोपी, साफ एप्रन पहनने, खाना पकाने के लिए हमेशा फ्रेश तेल का उपयोग करने और पुराने तेल को बार-बार इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
डॉ.जमवाल बोले-जनता खुद बने जागरूक
डॉ.जमवाल ने कहा कि यह केवल विभाग का काम नहीं बल्कि एक ‘टीम वर्क’ है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दुकानदार ग्लव्स (दस्ताने) नहीं पहनता, सिर पर कैप नहीं लगाता या गंदे हाथों से बर्तन साफ करके खाना परोस रहा है, तो वहां खाने से बचें। इस प्रकार का खाना आपके और आपके बच्चों की सेहत के लिए जहर समान है। अगर एक-दो दिन टिक्की या गोलगप्पे नहीं खाएंगे तो कुछ नहीं होगा, लेकिन दुकानदार को टोकना जरूरी है।
शिकायतकर्ता का नाम रखा जाएगा गुप्त
डॉ. जमवाल ने कहा कि अगर कहीं भी मिलावट या गंदगी दिखती है, तो नागरिक सिविल सर्जन कार्यालय पठानकोट में लिखित शिकायत दे सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। शिकायतकर्ता को विभाग के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, विभाग खुद उस स्थान पर जाकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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