खाली पेट केला खाना सही है या गलत? डॉक्टर ने बताई सच्चाई

खाली पेट केला खाना सही है या गलत? डॉक्टर ने बताई सच्चाई

Banana Eating Mistakes: केला लगभग हर घर में खाया जाने वाला फल है और इसे हेल्दी भी माना जाता है। लेकिन सिर्फ क्या खा रहे हैं ये ही नहीं, बल्कि कैसे खा रहे हैं ये भी उतना ही जरूरी है। कई बार हम अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे केले का पूरा फायदा नहीं मिल पाता और उल्टा पेट से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

Dr Ashok Kumar के मुताबिक, केले को सही तरीके से खाना बहुत जरूरी है, वरना इसके पोषक तत्व शरीर में सही तरह से काम नहीं कर पाते।

कच्चा या ज्यादा पका केला खाना

सबसे बड़ी गलती है केले की सही स्टेज पर ध्यान न देना। कई लोग हरा (कच्चा) या बहुत ज्यादा पका हुआ केला खा लेते हैं।कच्चे केले में रेसिस्टेंट स्टार्च ज्यादा होता है। यह कुछ लोगों के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन जिनका पेट थोड़ा सेंसिटिव है, उन्हें इससे गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द हो सकता है।

वहीं दूसरी तरफ, बहुत ज्यादा पके हुए केले में शुगर काफी ज्यादा हो जाती है। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फिर अचानक गिर जाता है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार, सबसे सही समय है जब केला हल्का पीला हो और उस पर थोड़े-बहुत ब्राउन स्पॉट्स हों। यही स्टेज सबसे बैलेंस्ड मानी जाती है।

खाली पेट केला खाना

बहुत से लोग सुबह उठते ही केला खा लेते हैं, सोचते हैं कि इससे दिन की शुरुआत हेल्दी होगी। लेकिन हर किसी के लिए यह सही नहीं है। डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि केले में मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम खाली पेट लेने पर शरीर में मिनरल्स का हल्का असंतुलन कर सकते हैं। इससे आपको सुस्ती, हल्का चक्कर या पेट में असहजता महसूस हो सकती है।

रिसर्च क्या कहती है?

Harvard T.H. Chan School of Public Health की न्यूट्रिशन रिसर्च के अनुसार, केले में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और मिनरल्स शरीर के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इन्हें बैलेंस्ड डाइट के साथ लेने से ही पूरा फायदा मिलता है।

केला सही तरीके से कैसे खाएं?

अगर आप केले का पूरा फायदा लेना चाहते हैं, तो इसे अकेले खाने के बजाय किसी और चीज के साथ खाएं। जैसे दही या ग्रीक योगर्ट के साथ, मूंगफली या बादाम बटर के साथ, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर। इससे शुगर धीरे-धीरे रिलीज होती है और पेट भी आराम से पचाता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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