क्या CM नीतीश जबरन राज्यसभा भेजे जा रहे:नॉमिनेशन के बाद 10 सभा, एक बार भी बिहार छोड़ने का जिक्र नहीं, बाकी नेता दोहराते रहे

क्या CM नीतीश जबरन राज्यसभा भेजे जा रहे:नॉमिनेशन के बाद 10 सभा, एक बार भी बिहार छोड़ने का जिक्र नहीं, बाकी नेता दोहराते रहे

सबसे पहले तीन महिला की कहानी पढ़िए … नीतीश कुमार ने हमारे जीवन को बदला है। पहले हम घर पर सिलाई का काम करते थे। मुश्किल से काम मिलता था। जीविका दीदी से जुड़ने के बाद सिलाई की ट्रेनिंग मिली। 45 रुपए की दर से रोज 14-15 शर्ट सिल रही हूं। घर का खर्च आसानी से निकाल ले रही हूं। यह नीतीश कुमार के कारण ही संभव हो पाया है।- किरण देवी, सहरसा पति राजमिस्त्री का काम करते हैं। इससे घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। जीविका से जुड़ने के बाद शर्ट-पैंट सिलने की ट्रेनिंग मिली। यहां से अच्छी कमाई हो रही है। यह नीतीश कुमार के बिना संभव नहीं था। – काजल देवी, सहरसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अच्छा काम किया है। इन्होंने हमें रुपए दिए। अब 2 लाख रुपए भी देंगे। अचानक से उनके राज्यसभा जाने की खबर आई। रैली में हम उन्हें सुनने आए थे। यहां उनकी पार्टी के नेताओं ने हमें आश्वासन दिया कि जो भी सरकार रहेगी उनकी तरह ही काम करेगी। विकास के साथ महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान देगी।- पिंकी देवी, खगड़िया समृद्धि यात्रा में शामिल होने आई महिलाओं ने भास्कर को अपनी ये बातें बताई। बतौर CM यह नीतीश कुमार की 16वीं और आखिरी यात्रा मानी जा रही है। CM राज्यसभा सदस्य चुन लिए गए हैं। दैनिक भास्कर की स्पेशल स्टोरी में पढ़िए, क्या सीएम नीतीश कुमार जबरन राज्यसभा भेजे गए? क्या उन्होंने सम्राट चौधरी को अपना उत्तराधिकारी चुना है? क्या जदयू उन्हें मार्गदर्शक मंडल में शामिल करना चाह रही है? 5 दिन की यात्रा और 10 सभा में CM नीतीश कुमार ने क्या मैसेज दिए… तीन चरण में तीन हिस्सा बिहार घूम चुके हैं नीतीश कुमार 16 जनवरी से शुरू हुई इस यात्रा के तहत नीतीश कुमार अब तक लगभग तीन हिस्सा बिहार घूम चुके हैं। पश्चिम चंपारण से उन्होंने समृद्धि यात्रा की शुरुआत की थी। पहले चरण में तिरहुत और सारण प्रमंडल गए। इसके बाद दूसरे चरण में मिथिलांचल और तीसरे चरण में कोसी-सीमांचल शेखपुरा समेत 10 जिलों की यात्रा पूरी की। अब सीएम मगध-शाहाबाद अंग प्रदेश के बाकी बचे जिलों में अपनी यात्रा राज्यसभा के जीते सांसद के तौर पर कर रहे हैं।
30 मार्च तक पूरी कर सकते हैं समृद्ध यात्रा

नीतीश 30 मार्च तक समृद्ध यात्रा पूरी कर सकते हैं। अभी चौथे चरण में 8 जिलों (भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, मुंगेर, लखीसराय, गयाजी और औरंगाबाद) की यात्रा कर रहे हैं। यह चरण 20 मार्च तक चलेगा। इसके बाद नालंदा, पटना, भोजपुर, रोहतास, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और बक्सर जा सकते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार छोड़ने का जिक्र कहीं नहीं किया सीएम ने 10 जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम किए। हर जगह भाषण दिया। राज्यसभा चुनाव में नॉमिनेशन के बाद हर कोई उनसे उनके इस एक्शन के बारे में जानना चाह रहा था, लेकिन नीतीश कुमार ने 10 जगह के भाषण में कहीं भी बिहार छोड़ने का जिक्र नहीं किया। वे क्यों राज्यसभा जा रहे हैं? क्यों सीएम पद छोड़ने के लिए राजी हुए? आगे क्या करने जा रहे हैं? कहीं भी इस बात का कोई जिक्र नहीं किया। पहले की तरह इस बार भी अपना हिसाब देते रहे नीतीश कुमार का अंदाज और भाषण का ट्रैक ठीक वैसे ही रहा जैसा उन्होंने समृद्धि यात्रा के पिछले दो फेज में किया था। तीसरे फेज में भी वे अपनी सरकार के काम का ब्योरा देते रहे। बताया कि उन्होंने क्या किया? आगे क्या होगा? लालू यादव ने किस तरह से परिवारवाद को बढ़ावा दिया। खुद हटे तो अपनी पत्नी को सीएम बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार को विकसित बनाने में केंद्र के सहयोग की सराहना भी की। सम्राट के कंधे पर हाथ रखा, क्या ये बड़ा मैसेज? सहरसा में अपने भाषण के आखिर में CM नीतीश कुमार ने लोगों से कहा कि हाथ उठाकर सभी का नमन कीजिए। इसके बाद वे खुद सम्राट चौधरी के पास पहुंचे। CM ने डिप्टी CM के कंधे पर हाथ रखा और लोगों से कहा कि इन्हें बताइए कि काम हो रहा है। इस दौरान सम्राट चौधरी हाथ जोड़े खड़े रहे। इसके बाद इस बात की चर्चा होने लगी कि नीतीश कुमार ने मैसेज दिया कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनके उत्तराधिकारी होंगे। इस पर सीनियर जर्नलिस्ट अमरनाथ तिवारी कहते हैं, ‘यह एक पॉश्चरिंग हो सकती है, लेकिन बस इस एक एक्टिविटी से ये मान लेना उचित नहीं होगा।’ जदयू के नेता भावुक हुए, बीजेपी नेता आश्वासन देते रहे समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण की 10 सभाओं के दौरान ऐसे कई मौके आए जब सीएम के बिहार छोड़ने की बात जदयू और बीजेपी के नेताओं ने दोहराया। मंत्री विजय चौधरी और लेसी सिंह तो मंच पर ही भावुक हो गईं। वहीं, बीजेपी के नेता बार- बार इस बात का आश्वासन देते नजर आए कि अगला सीएम कौन होगा, यह नीतीश कुमार ही तय करेंगे। उनके मार्गदर्शन में ही अगली सरकार चलेगी।
डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने अपने हर भाषण कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, बिहार नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में चलता रहा है। आगे भी उन्हीं के नेतृत्व में चलता रहेगा। नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार का विकास होता रहेगा।’ अब इसके मायने समझिए- जदयू चाहती है मार्गदर्शक बने रहें नीतीश, BJP को इंटरेस्ट नहीं द हिन्दू के सीनियर असिस्टेंट एडिटर अमरनाथ तिवारी बताते हैं, ‘नीतीश पिछले कुछ वर्षों से इसी तरह का भाषण देते आ रहे हैं। उसमें कुछ नया नहीं होता है। जदयू के नेता चाहते हैं कि नीतीश बिहार के मेंटॉर बने रहे। यही कारण है कि वे उन्हें मार्गदर्शक के रूप में साथ रखना चाहते हैं।’ नीतीश के समर्थक टूटे नहीं, इसका प्रयास किया जा रहा

सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी बताते हैं , ‘नीतीश कुमार अब इस स्थिति में नहीं हैं कि अपने विवेक से बोल सकें। उन्हें जो लिखकर दे दिया जाता है, उसे वो पढ़ देते हैं। उनकी स्क्रिप्ट में कुछ भी नया नहीं होता है। ‘एक ही बात को बार-बार हर जगह बोल रहे हैं। इससे ये भी समझ आता है कि अब मानसिक रूप से इतने स्वस्थ नहीं रह गए हैं कि क्या भाषण देना है यह तय कर सकें।’ सबसे पहले तीन महिला की कहानी पढ़िए … नीतीश कुमार ने हमारे जीवन को बदला है। पहले हम घर पर सिलाई का काम करते थे। मुश्किल से काम मिलता था। जीविका दीदी से जुड़ने के बाद सिलाई की ट्रेनिंग मिली। 45 रुपए की दर से रोज 14-15 शर्ट सिल रही हूं। घर का खर्च आसानी से निकाल ले रही हूं। यह नीतीश कुमार के कारण ही संभव हो पाया है।- किरण देवी, सहरसा पति राजमिस्त्री का काम करते हैं। इससे घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। जीविका से जुड़ने के बाद शर्ट-पैंट सिलने की ट्रेनिंग मिली। यहां से अच्छी कमाई हो रही है। यह नीतीश कुमार के बिना संभव नहीं था। – काजल देवी, सहरसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अच्छा काम किया है। इन्होंने हमें रुपए दिए। अब 2 लाख रुपए भी देंगे। अचानक से उनके राज्यसभा जाने की खबर आई। रैली में हम उन्हें सुनने आए थे। यहां उनकी पार्टी के नेताओं ने हमें आश्वासन दिया कि जो भी सरकार रहेगी उनकी तरह ही काम करेगी। विकास के साथ महिलाओं के मुद्दों पर ध्यान देगी।- पिंकी देवी, खगड़िया समृद्धि यात्रा में शामिल होने आई महिलाओं ने भास्कर को अपनी ये बातें बताई। बतौर CM यह नीतीश कुमार की 16वीं और आखिरी यात्रा मानी जा रही है। CM राज्यसभा सदस्य चुन लिए गए हैं। दैनिक भास्कर की स्पेशल स्टोरी में पढ़िए, क्या सीएम नीतीश कुमार जबरन राज्यसभा भेजे गए? क्या उन्होंने सम्राट चौधरी को अपना उत्तराधिकारी चुना है? क्या जदयू उन्हें मार्गदर्शक मंडल में शामिल करना चाह रही है? 5 दिन की यात्रा और 10 सभा में CM नीतीश कुमार ने क्या मैसेज दिए… तीन चरण में तीन हिस्सा बिहार घूम चुके हैं नीतीश कुमार 16 जनवरी से शुरू हुई इस यात्रा के तहत नीतीश कुमार अब तक लगभग तीन हिस्सा बिहार घूम चुके हैं। पश्चिम चंपारण से उन्होंने समृद्धि यात्रा की शुरुआत की थी। पहले चरण में तिरहुत और सारण प्रमंडल गए। इसके बाद दूसरे चरण में मिथिलांचल और तीसरे चरण में कोसी-सीमांचल शेखपुरा समेत 10 जिलों की यात्रा पूरी की। अब सीएम मगध-शाहाबाद अंग प्रदेश के बाकी बचे जिलों में अपनी यात्रा राज्यसभा के जीते सांसद के तौर पर कर रहे हैं।
30 मार्च तक पूरी कर सकते हैं समृद्ध यात्रा

नीतीश 30 मार्च तक समृद्ध यात्रा पूरी कर सकते हैं। अभी चौथे चरण में 8 जिलों (भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, मुंगेर, लखीसराय, गयाजी और औरंगाबाद) की यात्रा कर रहे हैं। यह चरण 20 मार्च तक चलेगा। इसके बाद नालंदा, पटना, भोजपुर, रोहतास, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और बक्सर जा सकते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार छोड़ने का जिक्र कहीं नहीं किया सीएम ने 10 जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम किए। हर जगह भाषण दिया। राज्यसभा चुनाव में नॉमिनेशन के बाद हर कोई उनसे उनके इस एक्शन के बारे में जानना चाह रहा था, लेकिन नीतीश कुमार ने 10 जगह के भाषण में कहीं भी बिहार छोड़ने का जिक्र नहीं किया। वे क्यों राज्यसभा जा रहे हैं? क्यों सीएम पद छोड़ने के लिए राजी हुए? आगे क्या करने जा रहे हैं? कहीं भी इस बात का कोई जिक्र नहीं किया। पहले की तरह इस बार भी अपना हिसाब देते रहे नीतीश कुमार का अंदाज और भाषण का ट्रैक ठीक वैसे ही रहा जैसा उन्होंने समृद्धि यात्रा के पिछले दो फेज में किया था। तीसरे फेज में भी वे अपनी सरकार के काम का ब्योरा देते रहे। बताया कि उन्होंने क्या किया? आगे क्या होगा? लालू यादव ने किस तरह से परिवारवाद को बढ़ावा दिया। खुद हटे तो अपनी पत्नी को सीएम बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार को विकसित बनाने में केंद्र के सहयोग की सराहना भी की। सम्राट के कंधे पर हाथ रखा, क्या ये बड़ा मैसेज? सहरसा में अपने भाषण के आखिर में CM नीतीश कुमार ने लोगों से कहा कि हाथ उठाकर सभी का नमन कीजिए। इसके बाद वे खुद सम्राट चौधरी के पास पहुंचे। CM ने डिप्टी CM के कंधे पर हाथ रखा और लोगों से कहा कि इन्हें बताइए कि काम हो रहा है। इस दौरान सम्राट चौधरी हाथ जोड़े खड़े रहे। इसके बाद इस बात की चर्चा होने लगी कि नीतीश कुमार ने मैसेज दिया कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनके उत्तराधिकारी होंगे। इस पर सीनियर जर्नलिस्ट अमरनाथ तिवारी कहते हैं, ‘यह एक पॉश्चरिंग हो सकती है, लेकिन बस इस एक एक्टिविटी से ये मान लेना उचित नहीं होगा।’ जदयू के नेता भावुक हुए, बीजेपी नेता आश्वासन देते रहे समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण की 10 सभाओं के दौरान ऐसे कई मौके आए जब सीएम के बिहार छोड़ने की बात जदयू और बीजेपी के नेताओं ने दोहराया। मंत्री विजय चौधरी और लेसी सिंह तो मंच पर ही भावुक हो गईं। वहीं, बीजेपी के नेता बार- बार इस बात का आश्वासन देते नजर आए कि अगला सीएम कौन होगा, यह नीतीश कुमार ही तय करेंगे। उनके मार्गदर्शन में ही अगली सरकार चलेगी।
डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने अपने हर भाषण कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, बिहार नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में चलता रहा है। आगे भी उन्हीं के नेतृत्व में चलता रहेगा। नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार का विकास होता रहेगा।’ अब इसके मायने समझिए- जदयू चाहती है मार्गदर्शक बने रहें नीतीश, BJP को इंटरेस्ट नहीं द हिन्दू के सीनियर असिस्टेंट एडिटर अमरनाथ तिवारी बताते हैं, ‘नीतीश पिछले कुछ वर्षों से इसी तरह का भाषण देते आ रहे हैं। उसमें कुछ नया नहीं होता है। जदयू के नेता चाहते हैं कि नीतीश बिहार के मेंटॉर बने रहे। यही कारण है कि वे उन्हें मार्गदर्शक के रूप में साथ रखना चाहते हैं।’ नीतीश के समर्थक टूटे नहीं, इसका प्रयास किया जा रहा

सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी बताते हैं , ‘नीतीश कुमार अब इस स्थिति में नहीं हैं कि अपने विवेक से बोल सकें। उन्हें जो लिखकर दे दिया जाता है, उसे वो पढ़ देते हैं। उनकी स्क्रिप्ट में कुछ भी नया नहीं होता है। ‘एक ही बात को बार-बार हर जगह बोल रहे हैं। इससे ये भी समझ आता है कि अब मानसिक रूप से इतने स्वस्थ नहीं रह गए हैं कि क्या भाषण देना है यह तय कर सकें।’  

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