ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एस जयशंकर को किया फोन, जानें क्या हुई बात?

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एस जयशंकर को किया फोन, जानें क्या हुई बात?

West Asia Conflict: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को बुधवार शाम उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अरघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई है। इसको लेकर जानकारी देते हुए भारत में ईरान के दूतावास ने कहा कि बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने युद्धविराम, द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की और विचारों का आदान-प्रदान किया।

वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज शाम मुझे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने मौजूदा स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। हम एक-दूसरे के साथ घनिष्ठ संपर्क में रहने पर सहमत हुए।’

‘शत्रुता समाप्त करने में हर देश भूमिका निभा सकता है’

पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार बदल रही है, ऐसे में भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के उप प्रतिनिधि मोहम्मद हुसैन ज़ियायेनिया ने कहा है कि पश्चिम एशिया में शत्रुता को समाप्त करने में हर देश भूमिका निभा सकता है।
मंगलवार को एक साक्षात्कार के दौरान जियायेनिया ने वर्तमान पश्चिम एशियाई संकट को दमन और आत्मरक्षा के बीच संघर्ष के रूप में परिभाषित किया, और बढ़ते मानवीय नुकसान के मद्देनजर वैश्विक समुदाय की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया।

प्रमुख शक्तियों की भूमिका के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जियायेनिया ने कहा, ‘इस संघर्ष में हर देश एक भूमिका निभा सकता है। हर देश सकारात्मक या नकारात्मक, दोनों तरह की भूमिका निभा सकता है।’

IRGC की अमेरिका को चेतावनी

इसी बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने वाशिंगटन को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए दावा किया है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो यह विशिष्ट बल अपरंपरागत तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख मोहम्मद अकबरज़ादेह ने कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका कोई नई गलती करता है तो नौसेना के पास उसके लिए ‘आश्चर्यजनक रणनीति’ तैयार है।

इस चेतावनी से सैन्य बयानबाजी में आई तेजी का संकेत मिलता है, क्योंकि आईआरजीसी नौसेना ने किसी भी संभावित आक्रामकता का जवाब देने की अपनी तत्परता का संकेत दिया है। अकबरजादेह ने आगे कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा नई सैन्य कार्रवाई की स्थिति में, आईआरजीसी नौसेना अपनी नव विकसित क्षमताओं का उपयोग करेगी।

पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसमें ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों में इजरायल और अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे होर्मुज स्ट्रेट जलमार्गों में व्यवधान उत्पन्न हुआ और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई।

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