Bahrain Alert Today: अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव का असर अब खाड़ी से लेकर इराक तक साफ दिखाई देने लगा है। बहरीन में संभावित खतरे को देखते हुए दूसरी बार चेतावनी जारी की गई है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उत्तरी इराक में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां तेज हैं और किसी बड़ी जवाबी कार्रवाई की आशंका ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है।
बहरीन में दूसरी बार बजा खतरे का अलर्ट
खाड़ी देश बहरीन में संभावित हमले की आशंका ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क कर दिया है। देश के गृह मंत्रालय ने दूसरी बार अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और वहां रह रहे लोगों से घबराने के बजाय निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा। मंत्रालय ने लोगों को आधिकारिक माध्यमों से जारी होने वाली सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह भी दी है।
यह चेतावनी ऐसे दौर में आई है, जब बहरीन पहले ही अमेरिका-ईरान तनाव के कारण सुरक्षा जोखिमों के बीच है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी बहरीन के लिए यात्रा संबंधी चेतावनी जारी कर रखी है और मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के खतरे का उल्लेख किया है।
अमेरिका पर ईरान का सीधा वार, बोले- ‘पछतावा होने तक नहीं रुकेंगे’
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब बयानबाजी से निकलकर लगातार सैन्य कार्रवाई तक पहुंच चुका है। ईरान के खतम-अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जोल्फाघरी ने कहा कि अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ ईरानी मिसाइल और ड्रोन अभियान जारी रहेगा।
ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, जोल्फाघरी ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में किए गए हमलों में अमेरिकी बुनियादी ढांचे, सैन्य सुविधाओं, हथियारों और उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बड़ी संख्या में अमेरिकी कमांडरों और सैनिकों के मारे जाने या घायल होने का भी दावा किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जोल्फाघरी ने साफ चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हमले जारी रखे तो ईरान का अगला जवाब और भारी, व्यापक और विनाशकारी हो सकता है।
क्यों अहम है बहरीन?
बहरीन सिर्फ एक छोटा खाड़ी देश नहीं है। यहां अमेरिका की क्षेत्रीय सैन्य मौजूदगी है और यही वजह है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में यह रणनीतिक रूप से संवेदनशील स्थान बन जाता है। पहले भी बहरीन में ईरानी हमलों को लेकर अलर्ट और सायरन की स्थिति बन चुकी है। जुलाई में भी दूसरी बार चेतावनी जारी कर लोगों से सुरक्षित जगह जाने को कहा गया था।
ब्रिटेन की यात्रा सलाह भी बताती है कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति में लोगों को सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से दूर रहना चाहिए तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित इमारत या शेल्टर में जाना चाहिए।
ईरान का बड़ा दावा- इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इराक के इरबिल प्रांत में अमेरिकी सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से संयुक्त हमला किया।
ईरानी सरकारी मीडिया के जरिए सामने आए बयान में कहा गया कि हमले में एक मरम्मत केंद्र और तकनीकी उपकरणों वाले कुछ गोदामों को नुकसान पहुंचाया गया। IRGC ने अमेरिकी निगरानी गुब्बारे की गाइडेंस प्रणाली को भी निशाना बनाने और बेस के ईंधन टैंकों में आग लगने का दावा किया।
ईरानी पक्ष ने अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने की बात भी कही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि फिलहाल इन आंकड़ों को ईरान के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
सिरिक में शादी पर हमले के बाद ईरान का जवाबी रुख
ईरान ने अपने हमले को दक्षिणी तटीय क्षेत्र सिरिक में अमेरिकी कार्रवाई के जवाब के तौर पर पेश किया है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, सिरिक काउंटी के कुहेस्तक में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी हमले के बाद मलबे और छर्रों की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों के खिलाफ थी और यह क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों तथा वाणिज्यिक जहाजों के लिए कथित खतरों के जवाब में की गई। सिरिक में वास्तव में किस लक्ष्य को निशाना बनाया गया था, इस पर अभी भी सवाल बने हुए हैं।


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