Charlie Kirk Case: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रहे चार्ली किर्क की हत्या के मामले में आरोपी टायलर रॉबिन्सन ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया है। उसने खुद पर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है, जिसमें हत्या का आरोप भी शामिल है। हालांकि, अब रॉबिन्सन को इन आरोपों पर मुकदमे का सामना करना होगा।
अदालत ने मुकदमे को दी मंजूरी
टायलर रॉबिन्सन द्वारा खुद पर लगे आरोपों से इनकार किए जाने के बाद यूटा की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने मामले को ट्रायल तक ले जाने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। अदालत का यह फैसला जुलाई में हुई सुनवाई और मंगलवार को हुई अंतिम दलीलों के बाद आया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि टायलर रॉबिन्सन के खिलाफ चार्ली किर्क की हत्या से जुड़े कई सबूत हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी चार्ली किर्क की 10 सितंबर 2025 को यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस वक्त उन्हें गोली मारी गई, उस समय चार्ली किर्क यूनिवर्सिटी में 3 हजार से अधिक लोगों को संबोधित कर रहे थे। आरोप है कि टायलर रॉबिन्सन ने करीब 400 फीट दूर एक इमारत से गोली चलाई। गोली चार्ली किर्क की गर्दन में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।
क्या कहता है कानून?
यूटा के कानून के मुताबिक, हत्या के आरोप में मौत की सजा का प्रावधान है। अभियोजन पक्ष पहले ही कह चुका है कि वह टायलर रॉबिन्सन के खिलाफ मौत की सजा की मांग करेगा। हालांकि, बचाव पक्ष ने इसका विरोध किया है।
टायलर रॉबिन्सन के वकीलों का कहना है कि उसने एक ही गोली चलाई थी। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि उसका इरादा कार्यक्रम में मौजूद दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचाने का था। इतना ही नहीं, बचाव पक्ष ने मामले में बताए गए राजनीतिक मकसद और कुछ सबूतों पर भी सवाल उठाए हैं।
मामले में नया मोड़ उस वक्त आया, जब अमेरिकी एटीएफ ने जांच में पाया कि किर्क के शरीर से निकली गोली के टुकड़े को उस राइफल से निश्चित रूप से नहीं जोड़ा जा सका, जिसे रॉबिन्सन से संबंधित बताया गया है। हालांकि, मौके से मिले एक कारतूस के खोखे का मिलान उसी राइफल से हुआ था। उधर, टायलर रॉबिन्सन ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों में खुद को निर्दोष बताया।

