खगड़िया में तैनात IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब सीएम हाउस तक पहुंच गया है। अपनी 6 साल की बेटी से मिलने और पति के साथ दोबारा घर बसाने की मांग को लेकर पूजा सिंह आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं। उनके इस कदम से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। सूचना मिलने के बाद पटना पुलिस की महिला टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाकर वहां से हटाया। इसके बाद पूजा सिंह को एसडीएम (सदर) कार्यालय ले जाया गया, जहां प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। देखें तस्वीरें… पूजा बोलीं- 2 नवंबर को बेटी के साथ भानू पटना आएंगे बैठक के बाद पूजा सिंह ने मीडिया को बताया कि अधिकारियों ने खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को 2 नवंबर को अपनी बेटी के साथ पटना बुलाया है। इस दौरान दोनों पति-पत्नी को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी। प्रशासन की कोशिश इस पारिवारिक विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की है। दो घंटे तक अधिकारियों के साथ बंद कमरे में हुई बातचीत धरना खत्म कराने के बाद पूजा सिंह की एसडीएम सदर कार्यालय में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली इस बातचीत में उनके पारिवारिक विवाद और बेटी से मुलाकात नहीं हो पाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पूजा सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनी है और मामले को सुलझाने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह को 2 नवंबर को अपनी बेटी के साथ पटना बुलाया गया है। पूजा सिंह के मुताबिक, बैठक में डीजीपी समेत पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी। इसका उद्देश्य दोनों के बीच चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए खत्म करने का रास्ता निकालना है। तलाक नहीं चाहतीं, बेटी और पति के साथ रहने की इच्छा पूजा सिंह ने कहा कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहती हैं। न ही उनका मकसद किसी तरह का कानूनी विवाद खड़ा करना है। वह चाहती हैं कि उनका परिवार फिर से एक हो जाए। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी के साथ रहना चाहती हैं और पति के साथ दोबारा घर बसाना चाहती हैं। पूजा के मुताबिक, पिछले 8-9 महीनों से उन्हें अपनी 6 साल की बेटी से मिलने का मौका नहीं मिल रहा है। इसी परेशानी को लेकर वह लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2 नवंबर को होने वाली बातचीत से इस मामले में कोई समाधान निकल सकता है। 2016 में किया था प्रेम विवाह, संघर्ष के दिनों में साथ देने का दावा पूजा सिंह के मुताबिक, उनकी और भानु प्रताप सिंह की शादी साल 2016 में प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। उस समय भानु प्रताप सिंह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे और उनके पास नौकरी नहीं थी। पूजा का दावा है कि उस दौरान उन्होंने एक निजी स्कूल में पढ़ाकर घर का खर्च चलाया और पति की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने भानु प्रताप सिंह के यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका साथ दिया। बाद में भानु प्रताप सिंह ने यूपीएससी परीक्षा पास की और 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। वर्तमान में उनकी तैनाती खगड़िया के पुलिस अधीक्षक के पद पर है। पूजा सिंह का आरोप है कि पति के आईपीएस अधिकारी बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आ गया। उनके अनुसार, पिछले कई महीनों से दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं हैं और उन्हें बेटी से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। खगड़िया में तैनात IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब सीएम हाउस तक पहुंच गया है। अपनी 6 साल की बेटी से मिलने और पति के साथ दोबारा घर बसाने की मांग को लेकर पूजा सिंह आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं। उनके इस कदम से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। सूचना मिलने के बाद पटना पुलिस की महिला टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाकर वहां से हटाया। इसके बाद पूजा सिंह को एसडीएम (सदर) कार्यालय ले जाया गया, जहां प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। देखें तस्वीरें… पूजा बोलीं- 2 नवंबर को बेटी के साथ भानू पटना आएंगे बैठक के बाद पूजा सिंह ने मीडिया को बताया कि अधिकारियों ने खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को 2 नवंबर को अपनी बेटी के साथ पटना बुलाया है। इस दौरान दोनों पति-पत्नी को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी। प्रशासन की कोशिश इस पारिवारिक विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की है। दो घंटे तक अधिकारियों के साथ बंद कमरे में हुई बातचीत धरना खत्म कराने के बाद पूजा सिंह की एसडीएम सदर कार्यालय में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली इस बातचीत में उनके पारिवारिक विवाद और बेटी से मुलाकात नहीं हो पाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पूजा सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनी है और मामले को सुलझाने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह को 2 नवंबर को अपनी बेटी के साथ पटना बुलाया गया है। पूजा सिंह के मुताबिक, बैठक में डीजीपी समेत पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी। इसका उद्देश्य दोनों के बीच चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए खत्म करने का रास्ता निकालना है। तलाक नहीं चाहतीं, बेटी और पति के साथ रहने की इच्छा पूजा सिंह ने कहा कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहती हैं। न ही उनका मकसद किसी तरह का कानूनी विवाद खड़ा करना है। वह चाहती हैं कि उनका परिवार फिर से एक हो जाए। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी के साथ रहना चाहती हैं और पति के साथ दोबारा घर बसाना चाहती हैं। पूजा के मुताबिक, पिछले 8-9 महीनों से उन्हें अपनी 6 साल की बेटी से मिलने का मौका नहीं मिल रहा है। इसी परेशानी को लेकर वह लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2 नवंबर को होने वाली बातचीत से इस मामले में कोई समाधान निकल सकता है। 2016 में किया था प्रेम विवाह, संघर्ष के दिनों में साथ देने का दावा पूजा सिंह के मुताबिक, उनकी और भानु प्रताप सिंह की शादी साल 2016 में प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। उस समय भानु प्रताप सिंह दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे और उनके पास नौकरी नहीं थी। पूजा का दावा है कि उस दौरान उन्होंने एक निजी स्कूल में पढ़ाकर घर का खर्च चलाया और पति की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने भानु प्रताप सिंह के यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका साथ दिया। बाद में भानु प्रताप सिंह ने यूपीएससी परीक्षा पास की और 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। वर्तमान में उनकी तैनाती खगड़िया के पुलिस अधीक्षक के पद पर है। पूजा सिंह का आरोप है कि पति के आईपीएस अधिकारी बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आ गया। उनके अनुसार, पिछले कई महीनों से दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं हैं और उन्हें बेटी से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।

