IP गुप्ता ने बिहार विधानसभा में सरकार पर साधा निशाना:राज्य की राजनीति को बताया ‘संक्रमण काल’, आरक्षण बहाली की मांग

IP गुप्ता ने बिहार विधानसभा में सरकार पर साधा निशाना:राज्य की राजनीति को बताया ‘संक्रमण काल’, आरक्षण बहाली की मांग

बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र में शुक्रवार को सहरसा के विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (आईपी गुप्ता) ने राज्य की मौजूदा राजनीति को “संक्रमण काल” बताया। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार में बड़े राजनीतिक बदलावों की बात कही। आईपी गुप्ता ने कहा कि राज्य दो प्रमुख परिवर्तनों से गुजर रहा है। पहला, समाजवादी विचारधारा की जमीन पर भाजपा की बढ़ती पकड़, और दूसरा, पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी के हाथों में सत्ता का हस्तांतरण। उन्होंने मौजूदा राजनीति में “जड़ता” (स्टीफनेस) की आशंका जताई, जो विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी इस दौरान, आईपी गुप्ता ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने “नागपुर और दिल्ली दरबार” के प्रभाव से आगे बढ़कर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असली चुनौती अब जनता के मुद्दों पर प्रभावी काम करना है। सदन में अपने संबोधन के दौरान, आईपी गुप्ता ने आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को उनका अधिकार वापस मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से सीधे शब्दों में अपील की कि आरक्षण बहाल करना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे उन्होंने जोर दिया कि यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उनके इस बयान से सदन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र में शुक्रवार को सहरसा के विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता (आईपी गुप्ता) ने राज्य की मौजूदा राजनीति को “संक्रमण काल” बताया। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार में बड़े राजनीतिक बदलावों की बात कही। आईपी गुप्ता ने कहा कि राज्य दो प्रमुख परिवर्तनों से गुजर रहा है। पहला, समाजवादी विचारधारा की जमीन पर भाजपा की बढ़ती पकड़, और दूसरा, पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी के हाथों में सत्ता का हस्तांतरण। उन्होंने मौजूदा राजनीति में “जड़ता” (स्टीफनेस) की आशंका जताई, जो विकास की गति को प्रभावित कर सकती है। बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी इस दौरान, आईपी गुप्ता ने बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने “नागपुर और दिल्ली दरबार” के प्रभाव से आगे बढ़कर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असली चुनौती अब जनता के मुद्दों पर प्रभावी काम करना है। सदन में अपने संबोधन के दौरान, आईपी गुप्ता ने आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को उनका अधिकार वापस मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से सीधे शब्दों में अपील की कि आरक्षण बहाल करना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे उन्होंने जोर दिया कि यदि सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उनके इस बयान से सदन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।  

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