यमुनानगर में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां शातिर आरोपियों ने फर्जी कंपनी और नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। निवेशकों से करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने “BFX Pro” और “ट्रेड मास्टर 9” जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को 9 करोड़ तक का फर्जी मुनाफा दिखाकर लगातार पैसा लगवाया और बाद में भुगतान देने से मुकर गए। मामले में आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना फर्कपुर में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रिश्तेदारों को भी निवेश के लिए किया प्रेरित शिकायतकर्ता अजय शर्मा निवासी तिलक नगर और जितेन्द्र प्राशर ने बताया कि जनवरी 2023 में उनकी मुलाकात आरोपी अमित खेडा से यमुनानगर में आरोपी रमेश दत्ता के ऑफिस में हुई, जहां अमित खेडा ने खुद को फॉरेक्स ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताते हुए अपनी कंपनी “ब्लॉक बस्टर/बीएफएक्स प्रो” के माध्यम से निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी समदर्श खेडा और अन्य साथी भी इस काम में साझेदार हैं और कई लोग पहले से निवेश कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं। आरोपियों ने भरोसे में लेकर 6 फरवरी 2023 को सभी आरोपियों से मुलाकात करवाई गई और प्रार्थियों को अपने साथ-साथ रिश्तेदारों और जानकारों का पैसा भी निवेश कराने के लिए प्रेरित किया गया। 9 करोड़ रूपए का प्रॉफिट दिखाते रहे इसके बाद आरोपियों के कहने पर प्रार्थियों ने अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस, चेक, नकद, यूपीआई और क्रिप्टो (USDT) के माध्यम से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए। केवल शुरुआती लेन-देन ही नहीं बल्कि लगातार कई महीनों तक बड़ी-बड़ी रकम अलग-अलग खातों और व्यक्तियों के नाम पर जमा करवाई गई। इसमें अमित खेडा, उसकी पत्नी समदर्श, सोनी इसरानी, रमेश दत्ता और हरनेक सिंह के अलावा अन्य खातों में भी पैसे ट्रांसफर कराए गए। आरोप है कि कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक की राशि निवेश करवाई गई, जबकि ऐप और सॉफ्टवेयर “ट्रेड मास्टर 9” में निवेश को बढ़ाकर करीब 9 करोड़ रुपये दिखाया जाता रहा ताकि और पैसा निवेश कराया जा सके। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 2024 में आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर “BFX Pro” कर दिया और दावा किया कि यह दुबई में रजिस्टर्ड कंपनी है। सभी आरोपी मिलकर इस काम को चला रहे थे और “ट्रेड मास्टर 9” नाम के सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी ट्रेडिंग डेटा दिखाते थे। कालका में बुलाई 300 निवेशकों की मीटिंग शुरुआत में कुछ निवेशकों को थोड़ा-बहुत पैसा वापस भी दिया गया ताकि विश्वास बना रहे, लेकिन अगस्त 2025 के बाद अधिकतर लोगों को भुगतान बंद कर दिया गया। जब शिकायतकर्ताओं ने पैसे मांगे तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए, जैसे कि दुबई में KYC प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। शिकायतकर्ताओ ने बताया कि आरोपियों ने कालका के एक होटल में करीब 300 निवेशकों की मीटिंग बुलाई, जहां जनवरी 2026 से किस्तों में पैसा लौटाने का वादा किया गया, लेकिन सिर्फ एक बार ही थोड़ी रकम दी गई और उसके बाद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया। जब शिकायतकर्ताओं ने बार-बार पैसे मांगे तो आरोपियों ने कहा जो करना है कर लो, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। फर्कपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमित खेडा, समदर्श खेडा, सोनी इसरानी, रमेश दत्ता और हरनेक सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।


