मुजफ्फरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस कार्रवाई में गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसी क्रम में, 15 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की सूचना के अनुसार, सकरा थाना क्षेत्र में एक साइबर ठग गिरोह सक्रिय था, जो बिहार सहित अन्य राज्यों के लोगों को भी अपना शिकार बना रहा था। एसएसपी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और प्राप्त सूचना के सत्यापन के बाद सकरा थाना क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य मो० रहमान, निवासी सकरा, मुजफ्फरपुर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से साइबर अपराध में उपयोग किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। बरामदगी की सूची में एक स्मार्ट मोबाइल फोन, एक चेकबुक और एक डेबिट कार्ड शामिल हैं। अन्य राज्यों से जुड़े हैं गिरोह के तार साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वह एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास से जो बैंक खाता बरामद हुआ है, उसके जरिए किए गए ट्रांजेक्शन का संबंध गोपालगंज (बिहार) और पंजाब राज्य में दर्ज साइबर शिकायतों से है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से झांसा देकर उनके खातों से पैसे उड़ाता था। साइबर थाने में कांड संख्या 57/26 दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लाख या करोड़ की ठगी की जा चुकी है। एसएसपी के निर्देश पर टीम गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस कार्रवाई में गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसी क्रम में, 15 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की सूचना के अनुसार, सकरा थाना क्षेत्र में एक साइबर ठग गिरोह सक्रिय था, जो बिहार सहित अन्य राज्यों के लोगों को भी अपना शिकार बना रहा था। एसएसपी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और प्राप्त सूचना के सत्यापन के बाद सकरा थाना क्षेत्र के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य मो० रहमान, निवासी सकरा, मुजफ्फरपुर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से साइबर अपराध में उपयोग किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। बरामदगी की सूची में एक स्मार्ट मोबाइल फोन, एक चेकबुक और एक डेबिट कार्ड शामिल हैं। अन्य राज्यों से जुड़े हैं गिरोह के तार साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वह एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास से जो बैंक खाता बरामद हुआ है, उसके जरिए किए गए ट्रांजेक्शन का संबंध गोपालगंज (बिहार) और पंजाब राज्य में दर्ज साइबर शिकायतों से है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से झांसा देकर उनके खातों से पैसे उड़ाता था। साइबर थाने में कांड संख्या 57/26 दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लाख या करोड़ की ठगी की जा चुकी है। एसएसपी के निर्देश पर टीम गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।


