322 करोड़ की योजना में देरी पर कलेक्टर सख्त:बैतूल में मेढ़ा जल परियोजना का निरीक्षण किया; दो शिफ्ट में काम कराने के निर्देश

बैतूल जिले की 322.33 करोड़ रुपए की लागत वाली मेढ़ा समूह जल एवं सिंचाई परियोजना के निर्माण में देरी पर गुरुवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने भैंसदेही जनपद के ग्राम मेढ़ा पहुंचकर डैम और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने काम में तेजी लाने के लिए अधिकारियों व ठेकेदार को अतिरिक्त जनशक्ति लगाकर जरूरत पड़ने पर दो शिफ्ट में काम कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, डूब प्रभावित ग्रामीणों की मुआवजा और पुनर्वास संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एसडीएम को गांव में 3 दिन में शिविर लगाने को कहा है। पूर्व में इस योजना के निर्माण की गति बेहद धीमी रही थी, जिसे लेकर अब प्रशासन ने नियमित मॉनिटरिंग का निर्णय लिया है। 241 गांवों को मिलेगा पानी, धीमी गति के कारण निरस्त हुए थे ठेके मेढ़ा समूह जल योजना से 241 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाना है। यह जिले की 618.1 करोड़ रुपए की उन चार समूह जल योजनाओं का हिस्सा है, जिनसे कुल 545 गांवों को पानी मिलेगा। करीब नौ माह पहले मेंढ़ा, वर्धा और गढ़ा योजनाओं में मात्र 30 प्रतिशत काम ही हो पाया था। जल शोधन संयंत्र, पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन जैसे काम शुरू न होने पर हाल ही में मेंढ़ा व वर्धा परियोजनाओं के ठेके निरस्त कर रिटेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। गुरुवार को निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने 28 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र, 33.67 एमएलडी इंटेक वेल, पंप स्टेशन और पाइपलाइन कार्यों की प्रगति देखी और हर महीने का लक्ष्य तय कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए वन विभाग की एनओसी के लिए समन्वय के निर्देश निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन वन क्षेत्र से गुजरने के कारण वन विभाग की लंबित एनओसी का मुद्दा सामने आया। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को सभी विभागों से समन्वय बनाकर प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सिविल, पाइपलाइन और ईएंडएम कार्यों के साथ पाइप, वाल्व और पंप सहित अन्य उपकरणों की अग्रिम तैयारी रखने को भी कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग होगी और वे स्वयं हर माह इसका निरीक्षण करेंगे। एसडीएम 3 दिन में गांव में लगाएंगे शिविर कलेक्टर ने डूब प्रभावित ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने एसडीएम भैंसदेही अजीत मरावी को निर्देशित किया कि मुआवजा, पुनर्वास और स्कूल, आंगनवाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए गांव में 3 दिन में शिविर लगाया जाए और समस्याओं का समाधान किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम के अलावा पीआईयू से अविनाश दिवाकर, जल निगम के अर्पित सिंघल और ठेकेदार के प्रतिनिधि मौजूद रहे। देखिए निरीक्षण के दौरान की और भी तस्वीरें…

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