शेखपुरा के सभी चार डिग्री कॉलेजों और छह मॉडल विद्यालयों का अधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का आकलन करना था। निरीक्षण के क्रम में, राजकीय महाविद्यालय, बाऊघाट (घाटकुसुम्भा) का जायजा एडीएम लखींद्र पासवान ने लिया। वहीं, राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शेखोपुरसराय का निरीक्षण अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) संजय कुमार द्वारा किया गया। जिले के अन्य डिग्री कॉलेजों का निरीक्षण भी नामित पदाधिकारियों ने किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मॉडल विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान, मॉडल उच्च विद्यालय, मुरारपुर (शेखपुरा) का निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने किया। जबकि राजकीयकृत एसबीजे उच्च विद्यालय, चेवाड़ा का निरीक्षण जिला विकास पदाधिकारी आर्य गौतम द्वारा किया गया। अन्य मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण भी संबंधित पदाधिकारियों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप किया। विद्यार्थियों की उपस्थिति का आकलन इन विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों को विद्यालय पोशाक की स्थिति, भवन के रंग-रोगन और रख-रखाव, खेलकूद संबंधी सुविधाएं, स्मार्ट क्लास/ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था, प्रयोगशाला और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का विस्तृत जायजा लिया गया। साथ ही, संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का भी आकलन किया गया। उपलब्ध कक्षाओं की संख्या का निरीक्षण डिग्री कॉलेजों के निरीक्षण में विभिन्न विषयों में नामांकन की स्थिति, स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों की संख्या, नियमित कक्षाओं का संचालन, उपलब्ध कक्षाओं की संख्या, महाविद्यालय की आधारभूत संरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहनता से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, संबंधित पदाधिकारियों ने आवश्यकतानुसार सुधारात्मक सुझाव दिए। जहां भी कमियां पाई गईं, उन्हें शीघ्र दूर करने के लिए संबंधित प्राचार्यों और पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और मॉडल विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। शेखपुरा के सभी चार डिग्री कॉलेजों और छह मॉडल विद्यालयों का अधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का आकलन करना था। निरीक्षण के क्रम में, राजकीय महाविद्यालय, बाऊघाट (घाटकुसुम्भा) का जायजा एडीएम लखींद्र पासवान ने लिया। वहीं, राजकीय डिग्री महाविद्यालय, शेखोपुरसराय का निरीक्षण अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) संजय कुमार द्वारा किया गया। जिले के अन्य डिग्री कॉलेजों का निरीक्षण भी नामित पदाधिकारियों ने किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मॉडल विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान, मॉडल उच्च विद्यालय, मुरारपुर (शेखपुरा) का निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने किया। जबकि राजकीयकृत एसबीजे उच्च विद्यालय, चेवाड़ा का निरीक्षण जिला विकास पदाधिकारी आर्य गौतम द्वारा किया गया। अन्य मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण भी संबंधित पदाधिकारियों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप किया। विद्यार्थियों की उपस्थिति का आकलन इन विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों को विद्यालय पोशाक की स्थिति, भवन के रंग-रोगन और रख-रखाव, खेलकूद संबंधी सुविधाएं, स्मार्ट क्लास/ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था, प्रयोगशाला और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का विस्तृत जायजा लिया गया। साथ ही, संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का भी आकलन किया गया। उपलब्ध कक्षाओं की संख्या का निरीक्षण डिग्री कॉलेजों के निरीक्षण में विभिन्न विषयों में नामांकन की स्थिति, स्वीकृत एवं कार्यरत शिक्षकों की संख्या, नियमित कक्षाओं का संचालन, उपलब्ध कक्षाओं की संख्या, महाविद्यालय की आधारभूत संरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहनता से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, संबंधित पदाधिकारियों ने आवश्यकतानुसार सुधारात्मक सुझाव दिए। जहां भी कमियां पाई गईं, उन्हें शीघ्र दूर करने के लिए संबंधित प्राचार्यों और पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और मॉडल विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।


