लुधियाना में ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने का केस:हाईकोर्ट ने चीफ डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो को दिया आदेश,6 सप्ताह में ले फैसला

लुधियाना में ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने का केस:हाईकोर्ट ने चीफ डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो को दिया आदेश,6 सप्ताह में ले फैसला

लुधियाना के एक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर की शिकायत पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को छह सप्ताह में फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसपोर्टर अमनदीप सिंह ने पुलिस विभाग में लुधियाना में तैनात एक सीनियर कांस्टेबल पर कथित तौर पर हर महीने रिश्वत मांगने, परेशान करने और शिकायत के बाद कार्रवाई न करने के आरोप लगाए थे। अमनदीप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ दी गई शिकायतों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि 8 नवंबर 2025 को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर के पास शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 6 सप्ताह में कानून के अनुसार फैसला लेने के निर्देश मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए चीफ डायरेक्टर, विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब को निर्देश दिया कि वह शिकायत पर कानून के अनुसार विचार कर छह सप्ताह के भीतर फैसला लें। छह सप्ताह की अवधि अदालत के आदेश की प्रमाणित कॉपी प्राप्त होने से गिनी जाएगी। ट्रैफिक विंग में तैनाती के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप याचिका के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस विभाग के ट्रैफिक विंग में लुधियाना में तैनात एक सीनियर कांस्टेबल ने ट्रांसपोर्ट यूनियन से संबंधित वाहनों के संचालन के सिलसिले में कथित तौर पर हर महीने रिश्वत की मांग की। अमनदीप सिंह ने अपनी शिकायत के पक्ष में व्हाट्सऐप चैट, फोन रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री होने का दावा किया। एंटी करप्शन एक्शन लाइन पर भी की थी शिकायत याचिकाकर्ता के अनुसार, उसने नवंबर 2024 में पंजाब सरकार की एंटी करप्शन एक्शन लाइन के माध्यम से भी शिकायत की थी। इसके बाद उसका बयान दर्ज किया गया था। उसने अधिकारियों को व्हाट्सऐप बातचीत और बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य दस्तावेज भी सौंपे थे। अमनदीप सिंह ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और उसे धमकाया भी गया। उसने 2024 और 2025 के दौरान विजिलेंस अधिकारियों को कई शिकायतें और रिप्रेजेंटेशन देकर जांच में हुई प्रगति की जानकारी और कार्रवाई की मांग की। विजिलेंस मुख्यालय ने पहले की जांच पर जताई थी आपत्ति याचिका में यह भी कहा गया कि मामले में पहले की गई जांच पर विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय की ओर से आपत्तियां जताई गई थीं। इसके बाद जांच को वापस भेजकर नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 8 नवंबर 2025 को विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर के पास दोबारा शिकायत दी थी। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विजिलेंस ब्यूरो को इस शिकायत पर तय समयसीमा के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेना होगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *