विशाखापट्टनम के नेवल डॉकयार्ड में शनिवार दोपहर INS केसरी में पानी घुस गया। जहाज उस समय डॉकयार्ड में खड़ा था। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। जहाज से पानी निकालने का काम जारी है। भारतीय नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि INS केसरी में पानी घुसने की घटना शनिवार दोपहर हुई। यह घटना तब हुई, जब जहाज विशाखापत्तनम के नेवल डॉकयार्ड में खड़ा था। नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि पानी बाहर निकालने का काम फिलहाल जारी है। नौसेना का बड़ा जंगी जहाज है आईएनएस केसरी आईएनएस केसरी भारतीय नौसेना का एक बड़ा जंगी जहाज (टैंक लैंडिंग शिप) है, जिसे भारत में ही तैयार कर साल 2008 में नौसेना में शामिल किया गया था। इसका मुख्य काम जंग या जरूरत के वक्त सेना के जवानों, भारी टैंकों और सैन्य वाहनों को समुद्र के रास्ते सीधे किनारे तक पहुंचाना है। रक्षा मिशनों के अलावा यह जहाज प्राकृतिक आपदाओं, राहत कार्यों और विदेशों तक मानवीय सहायता व दवाइयां पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाता है। जहाज में पानी घुस जाने की पिछली घटनाएं… 30 जनवरी 2011: मुंबई हार्बर में आईएनएस विंध्यगिरि दूसरे जहाज से टकराया, जिसके बाद आग बुझाने और दरार से भारी पानी भरने पर जहाज समुद्र तल पर बैठ गया। 14 अगस्त 2013: मुंबई नेवल डॉकयार्ड में आईएनएस सिंधुरक्षक पनडुब्बी में भयानक विस्फोट और आग के बाद पानी भर गया और वह डूब गई। 6 नवंबर 2014: विशाखापट्टनम तट के पास नौसेना का टॉरपीडो रिकवरी वेसल (TRV A-72) पानी का तेज रिसाव न रुकने की वजह से समंदर में डूब गया। 5 दिसंबर 2016: मुंबई नेवल डॉकयार्ड में ड्राई डॉक से निकलते वक्त आईएनएस बेतवा (INS Betwa) संतुलन बिगड़ने से एक तरफ पलट गया और उसमें पानी घुस गया। 21 जुलाई 2024: मुंबई डॉकयार्ड में मरम्मत के दौरान आईएनएस ब्रह्मपुत्र में आग लगी और आग बुझाने के पानी व असंतुलन से जहाज एक तरफ झुककर बैठ गया।
INS केसरी में पानी घुसा, कोई हताहत नहीं:विशाखापट्टन नेवल डॉकयार्ड में जहाज खड़ा था, पानी निकालने का काम जारी

