13 मई से स्कूलों में लगेगा भारतीय भाषा समर कैंप

सिटी रिपोर्टर| नवादा जिले के सभी विद्यालयों में 13 मई से “भारतीय भाषा समर कैंप (बीबीएससी-2026)” का आयोजन किया जाएगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सात दिवसीय इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई कौशल, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मातृभाषा एवं विद्यालय में पढ़ाई जाने वाली भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं तथा भारतीय सांकेतिक भाषा से भी परिचित कराया जाएगा। सात दिनों में कुल 28 घंटे की गतिविधियां संचालित होंगी। निर्देश के अनुसार जिला स्तर पर डायट को नोडल संस्था बनाया गया है। स्थानीय भाषा विशेषज्ञों एवं संसाधन व्यक्तियों के सहयोग से विद्यालयों में प्रतिदिन एक घंटे की गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन में समग्र शिक्षा के मद से राशि खर्च की जाएगी। कैंप के पहले दिन अभिवादन, परिचय, वर्णमाला एवं सामान्य शब्दावली से जुड़ी गतिविधियां होंगी। दूसरे दिन दैनिक जीवन आधारित संवाद, वर्चुअल बाजार, बस स्टैंड, दिशा पूछने तथा भोजन ऑर्डर करने जैसे अभ्यास कराए जाएंगे। चौथे दिन स्थानीय व्यंजन, फल, सब्जियां एवं मसालों के नामों से संबंधित गतिविधियां कराई जाएंगी। सिटी रिपोर्टर| नवादा जिले के सभी विद्यालयों में 13 मई से “भारतीय भाषा समर कैंप (बीबीएससी-2026)” का आयोजन किया जाएगा। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सात दिवसीय इस विशेष शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में भाषाई कौशल, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मातृभाषा एवं विद्यालय में पढ़ाई जाने वाली भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं तथा भारतीय सांकेतिक भाषा से भी परिचित कराया जाएगा। सात दिनों में कुल 28 घंटे की गतिविधियां संचालित होंगी। निर्देश के अनुसार जिला स्तर पर डायट को नोडल संस्था बनाया गया है। स्थानीय भाषा विशेषज्ञों एवं संसाधन व्यक्तियों के सहयोग से विद्यालयों में प्रतिदिन एक घंटे की गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन में समग्र शिक्षा के मद से राशि खर्च की जाएगी। कैंप के पहले दिन अभिवादन, परिचय, वर्णमाला एवं सामान्य शब्दावली से जुड़ी गतिविधियां होंगी। दूसरे दिन दैनिक जीवन आधारित संवाद, वर्चुअल बाजार, बस स्टैंड, दिशा पूछने तथा भोजन ऑर्डर करने जैसे अभ्यास कराए जाएंगे। चौथे दिन स्थानीय व्यंजन, फल, सब्जियां एवं मसालों के नामों से संबंधित गतिविधियां कराई जाएंगी।  

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