Indian investment in USA: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर यानी कि 1.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं। भारतीय कंपनियों का यह कदम से न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा, बल्कि अमेरिका में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
एक ही दिन में हुआ बड़ा ऐलान
राजदूत गोर के मुताबिक, निवेश की रफ्तार इतनी तेज है कि महज एक दिन के भीतर 12 भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा कर दी। हालांकि, अभी इन कंपनियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है। यह निवेश मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी (IT), मैन्युफैक्चरिंग और फार्मा (दवा) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया जा रहा है।
निवेश में यह तेजी दोनों देशों के बीच हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद आई है। इस बातचीत का मकसद 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
सप्लाई चेन होगी मजबूत
सर्जियो गोर ने कहा कि इस तरह के निवेश से दोनों देशों को फायदा होगा। जब दुनिया के दो बड़े लोकतांत्रिक देश मिलकर काम करते हैं तो सप्लाई चेन मजबूत होती है। यह घोषणा Select USA इन्वेस्टमेंट समिट 2026 के दौरान हुई, जहां भारतीय कंपनियों ने रिकॉर्ड संख्या में निवेश करने का वादा किया है। US के इंटरनेशनल ट्रेड के लिए कॉमर्स अंडर सेक्रेटरी विलियम किमिट ने कहा कि भारतीय कंपनियों का इस तरह से बढ़-चढ़कर भाग लेना पहले कभी नहीं देखा गया।
व्यापार घाटे में सुधार
हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च के महीने में अमेरिका का कुल व्यापार घाटा बढ़ा है, लेकिन भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि भारत के साथ अमेरिका का वस्तु व्यापार घाटा पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है। मार्च में अमेरिका ने भारत को 4.3 अरब डॉलर का सामान भेजा, जबकि भारत से 8.4 अरब डॉलर का सामान मंगवाया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों का यह बढ़ता निवेश भविष्य में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूती देगा।


