IND vs WI: दूसरे टी20 में रिकॉर्ड जीत के बाद वेस्टइंडीज के 2 बल्लेबाजों पर लगा जुर्माना, जानें रांची में ऐसा क्या हुआ

IND vs WI: दूसरे टी20 में रिकॉर्ड जीत के बाद वेस्टइंडीज के 2 बल्लेबाजों पर लगा जुर्माना, जानें रांची में ऐसा क्या हुआ

IND vs WI T20 Series 2026: भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के बाद आईसीसी ने वेस्टइंडीज के दो खिलाड़ियों रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 का उल्लंघन करने के लिए आधिकारिक फटकार लगाई गई है। इसके अलावा, दोनों के अनुशासनहीन व्यवहार के लिए उनके खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने मेहमानों के सामने 250 रन का लक्ष्य रखा था, जिसमें वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 4 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया था।

आखिर दूसरे टी20 में ऐसा क्या हुआ?

रांची में खेले गए दूसरे टी20 में जब वेस्टइंडीज की टीम 250 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब रोवमन पॉवेल ने वेस्टइंडीज की पारी के छठे ओवर में भारतीय गेंदबाज मयंक यादव की गेंद पर आउट होने के बाद गेंद को मार दिया। इसी घटना को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। आईसीसी के अनुसार, रोवमैन पॉवेल को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के उपकरणों, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या अन्य सुविधाओं के दुरुपयोग से संबंधित है।

रदरफोर्ड ने अंपायर्स से जताई नाराजगी

इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी के 13वें ओवर में रदरफोर्ड एक ऐसी हरकत कर बैठे, जिसे अंपायर्स ने बर्दाश्त नहीं किया। 13वें ओवर में एक गेंद को जब अंपायर ने वाइड नहीं दिया, तो उन्होंने अंपायर के सामने आक्रामक तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की।, शेरफेन रदरफोर्ड को आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है। इन दोनों मामलों में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और रोहन पंडित, तीसरे अंपायर नितिन मेनन तथा चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाए थे।

आईसीसी के मुताबिक, पॉवेल और रदरफोर्ड ने अपनी गलतियों को स्वीकार कर लिया और जो भी सजा दी गई उसे भी मान लिया। इसलिए इन मामलों में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। लेवल-1 के उल्लंघन पर आधिकारिक फटकार और डिमेरिट अंक खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड का हिस्सा होते हैं। ऐसे मामलों में खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार और अंपायरों के फैसलों के प्रति सम्मान बनाए रखने की जरूरत होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *