भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब गर्भवती महिलाओं की सेहत पर भी पड़ने लगा है। आईएमए की प्रेसिडेंट एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मनीषा त्यागी ने कहा कि गर्मी के मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि इसका असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों पर पड़ सकता है। डॉ. मनीषा त्यागी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है। अधिक पसीना आने, कमजोरी, चक्कर, थकान और बीपी लो होना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को लगातार तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी न हो। उन्होंने सलाह दी कि गर्भवती महिलाएं दिनभर पानी, नारियल पानी, जूस, छाछ और अन्य लिक्विड पदार्थ लेती रहें। अगर घर में ORS उपलब्ध हो तो उसका सेवन करें। ORS न होने पर पानी में चीनी, नमक और नींबू मिलाकर घोल बनाकर पीना भी फायदेमंद रहेगा। डॉ. त्यागी ने कहा कि शुरुआती स्तर पर मां का शरीर गर्भस्थ शिशु को काफी हद तक सुरक्षित रखता है, लेकिन अगर लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी या अन्य मेडिकल समस्या बनी रहे तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, हल्का भोजन करें और किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


