मुजफ्फरपुर शहर के पानी टंकी चौक पर सोमवार देर शाम वाहन जांच के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मिठनपुरा थाना के एक एसआई ने इंडियन ओवरसीज बैंक के चीफ मैनेजर को थप्पड़ मार दिया। विरोध करने पर दोबारा मारपीट की गई।
इसके बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर एसडीपीओ नगर-1 और मिठनपुरा थानेदार मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया। बैंक मैनेजर के साथ मारपीट का आरोप जानकारी के अनुसार न्यू कॉलोनी निवासी मो. जफर इकबाल इंडियन ओवरसीज बैंक में चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। सोमवार शाम वह अपने एक परिचित के साथ जा रहे थे। इसी दौरान पानी टंकी चौक के पास पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। आरोप है कि जांच के दौरान एसआई राहुल कुमार ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पीड़ित के अनुसार, वह कुछ मीटर आगे जाकर रुके। इसी बीच एसआई वहां पहुंचे और उन्हें थप्पड़ मार दिया। जब उन्होंने थप्पड़ मारने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मी ने दोबारा उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने मौके पर विरोध जताना शुरू कर दिया। गोली मारने की धमकी का आरोप हंगामे के दौरान पीड़ित और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को हटाने के दौरान गोली मारने की धमकी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से ‘भीड़ हटाओ, नहीं तो गोली मार देंगे’ जैसी बातें कही गईं। यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग और भड़क गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद मिठनपुरा थानाध्यक्ष अजय कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित और स्थानीय लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की।
काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। बाद में एएसपी नगर-1 भी मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से पूरे मामले की जानकारी ली। जांच के आदेश पूरे मामले पर सिटी एसपी मोहिनबुल्ला अंसारी ने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर हंगामा शांत करा दिया है। उन्होंने कहा कि एसआई पर थप्पड़ मारने और गोली चलाने की धमकी देने के लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मुजफ्फरपुर शहर के पानी टंकी चौक पर सोमवार देर शाम वाहन जांच के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मिठनपुरा थाना के एक एसआई ने इंडियन ओवरसीज बैंक के चीफ मैनेजर को थप्पड़ मार दिया। विरोध करने पर दोबारा मारपीट की गई।
इसके बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर एसडीपीओ नगर-1 और मिठनपुरा थानेदार मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया। बैंक मैनेजर के साथ मारपीट का आरोप जानकारी के अनुसार न्यू कॉलोनी निवासी मो. जफर इकबाल इंडियन ओवरसीज बैंक में चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। सोमवार शाम वह अपने एक परिचित के साथ जा रहे थे। इसी दौरान पानी टंकी चौक के पास पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। आरोप है कि जांच के दौरान एसआई राहुल कुमार ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पीड़ित के अनुसार, वह कुछ मीटर आगे जाकर रुके। इसी बीच एसआई वहां पहुंचे और उन्हें थप्पड़ मार दिया। जब उन्होंने थप्पड़ मारने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मी ने दोबारा उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने मौके पर विरोध जताना शुरू कर दिया। गोली मारने की धमकी का आरोप हंगामे के दौरान पीड़ित और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को हटाने के दौरान गोली मारने की धमकी दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से ‘भीड़ हटाओ, नहीं तो गोली मार देंगे’ जैसी बातें कही गईं। यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग और भड़क गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद मिठनपुरा थानाध्यक्ष अजय कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित और स्थानीय लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की।
काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई। बाद में एएसपी नगर-1 भी मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों से पूरे मामले की जानकारी ली। जांच के आदेश पूरे मामले पर सिटी एसपी मोहिनबुल्ला अंसारी ने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर हंगामा शांत करा दिया है। उन्होंने कहा कि एसआई पर थप्पड़ मारने और गोली चलाने की धमकी देने के लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


