सहारनपुर के छुटमलपुर क्षेत्र में संचालित एक म्यूचुअल बेनिफिट निधि कंपनी के संचालकों पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। एसीजेएम द्वितीय न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कंपनी संचालकों ने ऊंचे ब्याज का लालच देकर क्षेत्र के सैकड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए और बाद में रकम लौटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, तोता टांडा निवासी सन्नी काम्बोज ने बताया कि कस्बा छुटमलपुर स्थित राव मार्केट के पास संचालित “स्वाति म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड” के संचालकों ने बेहतर ब्याज दर और निवेश पर लाभ का भरोसा देकर लोगों को अपने साथ जोड़ा था। आरोप है कि कंपनी के माध्यम से प्रतिदिन लोगों से धनराशि जमा कराई जाती थी। प्रार्थी के अनुसार, उसका कंपनी में खाता खोला गया था। उसने वर्ष 2024 से प्रतिदिन राशि जमा कराते हुए कुल 84 हजार रुपए जमा किए थे। आरोप है कि जमा राशि की मैच्योरिटी 1 मई 2025 को पूरी हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी कंपनी संचालकों ने भुगतान नहीं किया। प्रार्थी का कहना है कि जब उसने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो कंपनी संचालकों ने टालमटोल शुरू कर दी। बाद में जानकारी मिली कि क्षेत्र के कई अन्य लोगों का पैसा भी फंसा हुआ है। आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये एकत्रित किए और बाद में कार्यालय बंद कर दिया। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले की शिकायत पूर्व में थाना फतेहपुर और एसएसपी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से दी गई थी, लेकिन आरोप के अनुसार अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर मुकदमा दर्ज कराने और जांच कराए जाने की मांग की है। अब कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।


