गोंडा में सास की चिता सजाते समय युवक को मगरमच्छ खींच ले गया। शव मिलने के 24 घंटे बाद भी उसका पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। नोएडा से दो किराए की गाड़ियां बुक करके युवक की फैमिली गोंडा पहुंची। 24 घंटे से पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर जमीन पर बैठकर शव मिलने का इंतजार कर रहे हैं। छोटे भाई ने पूरे मामले में साजिश का आरोप लगाया है। भाई का कहना है कि- जब नदी में इतने मगरमच्छ थे तो भाई को अकेला क्यूं भेजा गया इसकी जांच हो। गुरुवार को घटनास्थल से 8 किमी दूर सरयू नदी से शव मिला था। शव के सिर पर मगरमच्छ के दांत के निशान हैं। दाएं हाथ पर खरोंचने का जख्म है। माना जा रहा है कि मगरमच्छ छोटा था इसलिए वह युवक को खा नहीं सका। पहले दो तस्वीरें देखिए…
अब पूरा मामला पढ़िए… नोएडा के परी चौक सिग्मा 2 के रहने वाले दीपक वर्मा (30) सास की मौत होने पर गोंडा आए थे। 5 साल पहले दीपक ने डीहा गांव की रहने वाली रेखा से लव मैरिज की थी। दीपक नोएडा में ही एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। दीपक और रेखा की एक 4 साल की बेटी निक्की है। रेखा के पिता लालचंद्र शर्मा की मौत हो चुकी है। मां उर्मिला (50) की मंगलवार को कैंसर के चलते मौत हो गई थी। रेखा की दो और बहनें और एक छोटा भाई राज है। बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। हाथ धुलने के लिए नदी किनारे गया दोपहर करीब 12 बजे नदी के किनारे सभी लोग पहुंचे। दीपक ने चिता सजाने के लिए नदी के किनारे खूंटा गाड़ना शुरू कर दिया। दीपक खूंटा गाड़ने के बाद हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचे। वह हाथ धुल रहे थे, तभी मगरमच्छ नदी से बाहर आया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में भर लिया। ये देखकर लोग दीपक की ओर दौड़े और शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ उसे पानी में खींच ले गया। मगरमच्छ छोटा होने की वजह से खा नहीं पाया गुरुवार को करीब 12 बजे शव बरामद हो गया था। दीपक का शव देखकर लग रहा था कि उसके दाहिने हाथ के कुछ हिस्से को काट कर मगरमच्छ ने खाने का प्रयास किया है। कंधे पर भी काट कर खाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे भी नहीं खा पाया। दीपक के कान के पास भी काटने के निशान मिले थे। संभवत: मगरमच्छ छोटा था, इसीलिए युवक को अपना निवाला नहीं बन पाया। लेकिन मगरमच्छ ही युवक को लेकर गया था, इसकी पुष्टि हुई है। दीपक के साथ आए लोग साथ मगमरच्छ को ले जाते देखा था। नोएडा से 2 गाड़ियों से पहुंचे परिजन आज नोएडा से दो गाड़ियां बुक कर के परिजन गोंडा पहुंचे। 3 बजे तक भीषण गर्मी में घर वाले पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर बैठकर इंतजार कर रहे थे। घर वालों का कहना है कि अगर टाइम से शव मिल जाता तो आज कम से कम अंतिम संस्कार करा दिया जाता। भाई बोला- मंदिर में कराई गई थी शादी दीपक के छोटे भाई बादल ने बताया कि हम 5 भाई हैं। दीपक दूसरे नंबर पर थे। पिता रामप्रकाश की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। भइया ने 6 साल पहले भाभी से अफेयर की जानकारी दी थी। इसके बाद मंदिर में दोनों की शादी करवाई गई थी। डेढ़ साल बाद अलग रहने लगा था दीपक शादी के डेढ़ साल तक हम सब लोग मां-पिता, भाई-भाभी साथ में रहते थे। उसके बाद कुछ मनमुटाव हो गया और दीपक ने घर से 3 किमी दूर एक किराए का मकान ले लिया और वहीं पर भाभी के साथ रहने लगे। कुछ टाइम बाद उनकी बेटी हुई। शादी के बाद भइया बस एक बार गोंडा आए थे। दूसरी बार सास के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। भाई ने साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि जो यहां का रहने वाला नहीं है उसे कैसे जानकारी होगी। यहां के रहने वाले लोग जानते थे कि उस एरिया में मगरमच्छ रहते हैं। फिर भी उन्हें वहां भेज दिया। कोई अंतिम संस्कार में शामिल होने आया है तो क्या उससे काम करवाने लगोगे। इतने खतरनाक एरिया में जाने क्यूं दिया मैंने खुद वहां जाकर देखा बहुत ही खतरनाक एरिया है। वहां लोगों ने बताया कि 20-25 मगरमच्छ रहते हैं। मेरा भाई अकेला यहां आया था। मुझे लगता है साजिश के तहत जानबूझ कर उनसे यह करवाया गया है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी सरकार से मदद मिलनी है वह मेरी भतीजी के नाम पर मिलनी चाहिए। सास बोली- बहू का तो सब कुछ लुट गया दीपक की मां विमला देवी ने कहा कि बहू से मिले थे। उसकी भी हालत बुरी है। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। बेहोश पड़ी है और चिल्ला रही है। क्या कहेगी वो उसका तो सब चला गया। 24 घंटे हो गए हैं हमें कुछ मदद नहीं मिली। यहां कोई कुछ सुन नहीं रहा है। बेटा तो वापस नहीं आएगा कम से कम मिट्टी ही दे दें। आने से पहले मां से मिलने गया था दीपक बेटे ने जब बहू के बारे में बताया था तो हमने उसकी मंदिर में शादी करवाई थी। आते टाइम भी मुझसे मिला था और बता रहा था कि सास खत्म हो गई है। मेरे पास जो रुपये थे वो मैंने दे दिए थे। 30 हजार रुपये में दो गाड़ी बुक कर के आए हैं यहां। मेरी मांग है कि सरकार जो भी मदद करे वह मेरी पोती और बहू के नाम पर करे। बच्ची अनाथ हो गई, उसके नाम हो रुपये उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी बहू क्या करेगी पता नहीं। बच्ची तो बेचारी अनाथ हो गई। इसलिए पैसा दोनों के नाम होना चाहिए। बादल के दादा ससुर बाबूलाल ने भी यही मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो भी मदद मिले, वह दीपक की बेटी के नाम की जाए। भाभी बोलीं- 24 घंटे से इंतजार कर रहे दीपक की भाभी अर्चना वर्मा ने कहा कि हम लोग यही चाहते हैं कि बॉडी टाइम से मिले, हम टाइम से निकलें। उसका अंतिम संस्कार करना है। जो भी है कार्रवाई हो रही है जल्दी-जल्दी हो। हम यहां 24 घंटे से ऐसे ही बैठे हैं। बॉडी ले जाने लायक होएगी तो ले जाएंगे नहीं तो यहीं कहीं अंतिम संस्कार करेंगे। पोस्टमॉर्टम में हो रही देरी को लेकर उमरी बेगमगंज थाना अध्यक्ष चंदन कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि शव को लाने में और गोंडा मुख्यालय ले जाने में काफी समय लग गया इसीलिए देरी हुई है। सुबह ही हम लोगों ने कागज भेज दिया था, लेकिन वहां पर डॉक्टर 2:00 बजे के बाद आए हैं। पोस्टमॉर्टम होने के बाद परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया जाएगा। घर वालों के साथ हमारी पूरी संवेदनाए हैं। ———————- यह खबर भी पढ़ें… MBA छात्रा की मौत में टीचर समेत 3 सस्पेंड:रात 2 बजे में गर्ल्स हॉस्टल में घुसा डायरेक्टर, छात्राएं बोलीं- हमें टॉर्चर किया जा रहा मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले में छात्रावास निदेशक और 2 वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया। तीनों ने छात्राओं से अभद्रता की थी। इसके साथ ही मामले की एक 13 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अनु गुप्ता की मौत कैसे हुई? ये सुसाइड या हत्या? इसकी जांच करेगी। पढ़ें पूरी खबर…


