बिहार में रोज 7 लड़कियों से रेप…राजधानी सबसे असुरक्षित:पटना जंक्शन से उठाकर गैंगरेप, 3 साल की बच्ची को दांतों से काटा; ऐसे रेपिस्टों पर माला कब

बिहार में रोज 7 लड़कियों से रेप…राजधानी सबसे असुरक्षित:पटना जंक्शन से उठाकर गैंगरेप, 3 साल की बच्ची को दांतों से काटा; ऐसे रेपिस्टों पर माला कब

‘बच्चियों के साथ ज्यादाती करने वालों को माला पहनाने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन पर माला चढ़ाइए।’- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री 30 अप्रैल को सभी जिलों के DM-SSP/SP की बैठक में सम्राट के इस दिए गए बयान ने बिहार में ‘योगी मॉडल’ की चर्चा छेड़ दी। हालांकि, इस बयान के अगले ही दिन पटना जंक्शन से लड़की को उठाकर शहर में चलती कार में घुमाकर दरिंदों ने गैंगरेप किया। राजधानी से थोड़ी दूर गया में रेलवे ट्रैक से लड़की को खींचकर ज्यादती की गई। बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में जनवरी से मार्च तक 653 रेप केस दर्ज हो चुके हैं। फरवरी तक 388 नाबालिगों के साथ रेप हुआ। पिछले तीन साल से रेप के आंकड़े बढ़ रहे हैं। 2023 में 3089, 2024 में 3248, 2025 में 3341 रेप। राजधानी पटना टॉप पर है। तीन साल में 887 केस। संडे बिग स्टोरी में बिहार के अलग-अलग कोनों से रेप की आई 4 कहानियां। ये कहानियां केवल क्राइम की नहीं हैं, बल्कि सिस्टम और समाज के मुंह पर तमाचा हैं। और जिम्मेदार सिर्फ बयान जारी कर रहे हैं। कहानी-1ः रेलवे पटरी से खींचकर लड़की से किया गैंगरेप तारीख : 1 मई, जगह- बेलागंज, गयाजी जहानाबाद की 20 साल की लड़की अपने मामा घर जाने के लिए अकेले निकली। उसे गयाजी के बेलागंज थाना के तहत एक गांव में जाना था। वो जहानाबाद से ट्रेन से जा रही थी। उसे जिस हॉल्ट पर उतरना था, उसके ठीक पहले ही चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी गई। उस वक्त शाम करीब 7:15 बज रहे थे। अंधेरा होने के कारण लड़की को लगा कि वो उस हॉल्ट के पास ही है, जहां उसे उतरना था। मामा का घर नजदीक है, वो पैदल ही वहां से चली जाएगी। मगर, कुछ देर में उसे एहसास हुआ कि वो गलत जगह पर उतर गई। जहां वो उतरी है, वो तो प्राणपुर का इलाका है। पर तब तक ट्रेन भी वहां से खुल चुकी थी। इसके बाद वो रेलवे ट्रैक पर पैदल ही आगे बढ़ने लगी। पिता ने कहा- दोषियों को सख्त सजा मिले कहानी-2ः लड़की को कार में 2 दिन घुमाकर किया रेप तारीख- 1 मई, जगह- पटना जंक्शन 15 साल की नाबालिग लड़की ट्रेन से पटना जंक्शन उतरी। वो विजयवाड़ा से आई थी। मोतिहारी जाना था। पर स्टेशन पर ही उसका मोबाइल खो गया। उसे रोता देख एक युवक उसके पास आया। उसे मदद का झांसा दिया। फिर अपनी गाड़ी में बैठाकर साथ ले गया। गाड़ी में उसका एक साथी भी था। पहली बार गाड़ी के अंदर दोनों लड़कों ने उसके साथ रेप किया। दोनों इसके बाद भी नहीं रूके। लड़की को बेऊर इलाके के एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के कमरे में ले गए। वहां भी बारी-बारी से उसका रेप किया। इसके बाद दानापुर स्टेशन के बाहर लड़की को छोड़ दिया। घबराई और परेशान लड़की ने वहां सबसे पहले एक पैसेंजर को अपनी बाप बीती बताई। कहानी-3ः 3 साल की मासूम को दरिंदों ने नोंचा तारीख- 5 अप्रैल, जगह-परसा बाजार, पटना परसा बाजार थाना के तहत 3 साल की बच्ची का दो लोगों ने मिलकर रेप किया। खून से लथपथ हालत में वो अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर मिली थी। मासूम की हालत इतनी गंभीर थी कि 12 दिनों तक पटना के एम्स में उसका इलाज चला। हैवानों ने उसके शरीर को काफी नुकसान पहुंचाया है। दरअसल, रात 8 बजे के करीब मां बच्ची को घर में छोड़कर पानी लाने गई थी। उसी बीच घर के अंदर बच्ची का चाचा आया और उसे उठाकर बाहर ले गया। फिर उसने दो लोगों के हाथों में उसे सौंप दिया। कुछ देर बाद जब पानी लेकर मां वापस लौटी तो बेटी को गायब देख उसे टेंशन होने लगी। परिवार के दूसरे सदस्यों और आसपास के लोगों को बताया। सभी खोजने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद वो घर से दूर गंभीर हालत में मिली। तब पुलिस को जानकारी दी गई। जांच शुरू हुई। इसके बाद ही बच्ची के चाचा का रोल सामने आया। पुलिस ने पहले चाचा और फिर रेप करने वाले एक शख्स को पकड़ा। जबकि, दूसरा अब भी फरार है। फांसी से ही मिलेगा इंसाफ कहानी-4ः पालीगंज में मासूम के साथ हैवानियत तारीख-22 अप्रैल, जगह- पालीगंज, पटना 3 साल की मासूम बच्ची का एक लड़के ने रेप किया। घटना तब हुई जब पड़ोस में हो रही एक शादी समारोह से बच्ची अकेले ही अपने घर जा रही थी। लड़के ने रास्ते में उसे जबरन रोका। एक जगह पर ले जाकर गंदी हरकत की। इस घटना के बाद पीड़ित बच्ची की हालत खराब हो गई थी। बेहोशी के हालत में वो अपने परिवार को मिली थी। 4 दिनों तक उसका इलाज हॉस्पिटल में चला। जब मामला पुलिस के सामने आया तो जांच करते हुए रेप करने वाले तक पहुंची। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। अतीक अहमद की तरह हो रेपिस्ट का एनकाउंटर बिहार में हर महीने 164 रेप बिहार पुलिस के मुताबिक, जनवरी से मार्च तक मासूम बच्चियों, नाबालिग, युवतियों और महिलाओं से रेप के 653 केस दर्ज हुए हैं। मतलब हर महीने 218 केस। यानी हर दिन 7 रेप। इसमें फरवरी तक 388 केस 18 से कम उम्र की मासूमों के साथ रेप के हैं। जबकि, मार्च तक 265 केस 18 से अधिक उम्र वालों के साथ रेप के केस दर्ज किए गए हैं। अगर सालभर के आंकड़ों को देखें तो पिछले तीन सालों से लगातार रेप के केस बढ़ रहे हैं। 2023 में कुल 3089 केस दर्ज हुए। इसके बाद 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3248 पहुंच गया। फिर 2025 में बिहार के अंदर रेप का आंकड़ा और बढ़ा, कुल 3341 केस दर्ज हुए। रेप के मामले में टॉप पर राजधानी पटना रेप जैसे संगीन मामले में पूरे बिहार में पटना टॉप पर है। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, 2023 से 2025 तक सिर्फ पटना जिले में कुल 887 रेप के केस दर्ज किए गए हैं। इसी कतार में भागलपुर, बेतिया, नालंदा और पूर्णिया जिला भी शामिल है। इन जिलों में 18 से कम और इससे अधिक उम्र की मासूम लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं काफी हुई हैं। इंसान क्यों बन रहे हैवान? मगध महिला कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट निधि सिंह बताती हैं- रेप एक जेंडर वेस वायलेंस है। इसका संबंध सेक्सुअल वायलेंस से है। जब इंसान अंदर से अग्रेसिव होता है और दूसरों की इच्छाओं का सम्मान नहीं करता है, तभी ये एक हिंसात्मक व्यवहार के तौर पर सामने आता है। इसके पीछे की कई वजह हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यौन अपराध केवल क्षणिक आवेश या शारीरिक भूख का परिणाम नहीं होते, बल्कि इसके पीछे एक गहरी विकृत मानसिकता और सामाजिक-मनोवैज्ञानिक कारण होते हैं। 1. ओटीटी और पोर्नोग्राफी 2. युवाओं में बढ़ता नशा का प्रभाव ‘बच्चियों के साथ ज्यादाती करने वालों को माला पहनाने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन पर माला चढ़ाइए।’- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री 30 अप्रैल को सभी जिलों के DM-SSP/SP की बैठक में सम्राट के इस दिए गए बयान ने बिहार में ‘योगी मॉडल’ की चर्चा छेड़ दी। हालांकि, इस बयान के अगले ही दिन पटना जंक्शन से लड़की को उठाकर शहर में चलती कार में घुमाकर दरिंदों ने गैंगरेप किया। राजधानी से थोड़ी दूर गया में रेलवे ट्रैक से लड़की को खींचकर ज्यादती की गई। बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में जनवरी से मार्च तक 653 रेप केस दर्ज हो चुके हैं। फरवरी तक 388 नाबालिगों के साथ रेप हुआ। पिछले तीन साल से रेप के आंकड़े बढ़ रहे हैं। 2023 में 3089, 2024 में 3248, 2025 में 3341 रेप। राजधानी पटना टॉप पर है। तीन साल में 887 केस। संडे बिग स्टोरी में बिहार के अलग-अलग कोनों से रेप की आई 4 कहानियां। ये कहानियां केवल क्राइम की नहीं हैं, बल्कि सिस्टम और समाज के मुंह पर तमाचा हैं। और जिम्मेदार सिर्फ बयान जारी कर रहे हैं। कहानी-1ः रेलवे पटरी से खींचकर लड़की से किया गैंगरेप तारीख : 1 मई, जगह- बेलागंज, गयाजी जहानाबाद की 20 साल की लड़की अपने मामा घर जाने के लिए अकेले निकली। उसे गयाजी के बेलागंज थाना के तहत एक गांव में जाना था। वो जहानाबाद से ट्रेन से जा रही थी। उसे जिस हॉल्ट पर उतरना था, उसके ठीक पहले ही चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी गई। उस वक्त शाम करीब 7:15 बज रहे थे। अंधेरा होने के कारण लड़की को लगा कि वो उस हॉल्ट के पास ही है, जहां उसे उतरना था। मामा का घर नजदीक है, वो पैदल ही वहां से चली जाएगी। मगर, कुछ देर में उसे एहसास हुआ कि वो गलत जगह पर उतर गई। जहां वो उतरी है, वो तो प्राणपुर का इलाका है। पर तब तक ट्रेन भी वहां से खुल चुकी थी। इसके बाद वो रेलवे ट्रैक पर पैदल ही आगे बढ़ने लगी। पिता ने कहा- दोषियों को सख्त सजा मिले कहानी-2ः लड़की को कार में 2 दिन घुमाकर किया रेप तारीख- 1 मई, जगह- पटना जंक्शन 15 साल की नाबालिग लड़की ट्रेन से पटना जंक्शन उतरी। वो विजयवाड़ा से आई थी। मोतिहारी जाना था। पर स्टेशन पर ही उसका मोबाइल खो गया। उसे रोता देख एक युवक उसके पास आया। उसे मदद का झांसा दिया। फिर अपनी गाड़ी में बैठाकर साथ ले गया। गाड़ी में उसका एक साथी भी था। पहली बार गाड़ी के अंदर दोनों लड़कों ने उसके साथ रेप किया। दोनों इसके बाद भी नहीं रूके। लड़की को बेऊर इलाके के एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के कमरे में ले गए। वहां भी बारी-बारी से उसका रेप किया। इसके बाद दानापुर स्टेशन के बाहर लड़की को छोड़ दिया। घबराई और परेशान लड़की ने वहां सबसे पहले एक पैसेंजर को अपनी बाप बीती बताई। कहानी-3ः 3 साल की मासूम को दरिंदों ने नोंचा तारीख- 5 अप्रैल, जगह-परसा बाजार, पटना परसा बाजार थाना के तहत 3 साल की बच्ची का दो लोगों ने मिलकर रेप किया। खून से लथपथ हालत में वो अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर मिली थी। मासूम की हालत इतनी गंभीर थी कि 12 दिनों तक पटना के एम्स में उसका इलाज चला। हैवानों ने उसके शरीर को काफी नुकसान पहुंचाया है। दरअसल, रात 8 बजे के करीब मां बच्ची को घर में छोड़कर पानी लाने गई थी। उसी बीच घर के अंदर बच्ची का चाचा आया और उसे उठाकर बाहर ले गया। फिर उसने दो लोगों के हाथों में उसे सौंप दिया। कुछ देर बाद जब पानी लेकर मां वापस लौटी तो बेटी को गायब देख उसे टेंशन होने लगी। परिवार के दूसरे सदस्यों और आसपास के लोगों को बताया। सभी खोजने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद वो घर से दूर गंभीर हालत में मिली। तब पुलिस को जानकारी दी गई। जांच शुरू हुई। इसके बाद ही बच्ची के चाचा का रोल सामने आया। पुलिस ने पहले चाचा और फिर रेप करने वाले एक शख्स को पकड़ा। जबकि, दूसरा अब भी फरार है। फांसी से ही मिलेगा इंसाफ कहानी-4ः पालीगंज में मासूम के साथ हैवानियत तारीख-22 अप्रैल, जगह- पालीगंज, पटना 3 साल की मासूम बच्ची का एक लड़के ने रेप किया। घटना तब हुई जब पड़ोस में हो रही एक शादी समारोह से बच्ची अकेले ही अपने घर जा रही थी। लड़के ने रास्ते में उसे जबरन रोका। एक जगह पर ले जाकर गंदी हरकत की। इस घटना के बाद पीड़ित बच्ची की हालत खराब हो गई थी। बेहोशी के हालत में वो अपने परिवार को मिली थी। 4 दिनों तक उसका इलाज हॉस्पिटल में चला। जब मामला पुलिस के सामने आया तो जांच करते हुए रेप करने वाले तक पहुंची। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। अतीक अहमद की तरह हो रेपिस्ट का एनकाउंटर बिहार में हर महीने 164 रेप बिहार पुलिस के मुताबिक, जनवरी से मार्च तक मासूम बच्चियों, नाबालिग, युवतियों और महिलाओं से रेप के 653 केस दर्ज हुए हैं। मतलब हर महीने 218 केस। यानी हर दिन 7 रेप। इसमें फरवरी तक 388 केस 18 से कम उम्र की मासूमों के साथ रेप के हैं। जबकि, मार्च तक 265 केस 18 से अधिक उम्र वालों के साथ रेप के केस दर्ज किए गए हैं। अगर सालभर के आंकड़ों को देखें तो पिछले तीन सालों से लगातार रेप के केस बढ़ रहे हैं। 2023 में कुल 3089 केस दर्ज हुए। इसके बाद 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3248 पहुंच गया। फिर 2025 में बिहार के अंदर रेप का आंकड़ा और बढ़ा, कुल 3341 केस दर्ज हुए। रेप के मामले में टॉप पर राजधानी पटना रेप जैसे संगीन मामले में पूरे बिहार में पटना टॉप पर है। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, 2023 से 2025 तक सिर्फ पटना जिले में कुल 887 रेप के केस दर्ज किए गए हैं। इसी कतार में भागलपुर, बेतिया, नालंदा और पूर्णिया जिला भी शामिल है। इन जिलों में 18 से कम और इससे अधिक उम्र की मासूम लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं काफी हुई हैं। इंसान क्यों बन रहे हैवान? मगध महिला कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट निधि सिंह बताती हैं- रेप एक जेंडर वेस वायलेंस है। इसका संबंध सेक्सुअल वायलेंस से है। जब इंसान अंदर से अग्रेसिव होता है और दूसरों की इच्छाओं का सम्मान नहीं करता है, तभी ये एक हिंसात्मक व्यवहार के तौर पर सामने आता है। इसके पीछे की कई वजह हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यौन अपराध केवल क्षणिक आवेश या शारीरिक भूख का परिणाम नहीं होते, बल्कि इसके पीछे एक गहरी विकृत मानसिकता और सामाजिक-मनोवैज्ञानिक कारण होते हैं। 1. ओटीटी और पोर्नोग्राफी 2. युवाओं में बढ़ता नशा का प्रभाव  

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