भागलपुर में 4.7 किमी लंबे विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा रविवार देर रात गंगा में गिर गया। जिसके चलते करीब 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। रोजाना करीब 1 लाख लोगों के आवागमन पर असर पड़ा है। ऐसे में लोगों पर अब 2 विकल्प है। नाव या मुंगेर के रास्ते से जा सकते हैं। हालांकि लंबी दूरी से बचने के लिए लोग नाव का ही सहारा ले रहे हैं। भास्कर से बातचीत में नवगछिया की छात्रा पूजा और केला कारोबारी मनोहर यादव बताया था कि मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। नाव वाले पर ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। हालांकि इसकी जानकारी के बाद जिला प्रशासन से नाव से यात्रा के लिए किराया लिस्ट जारी किया है। प्राइवेट नावों के लिए किराया फिक्स मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और SSP प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त तौर पर बरारी से महादेवपुर गंगा घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकारी नाव जेटी का संचालन प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक शुल्क किया जा रहा है। इसके साथ ही निजी नावों को भी परिचालन की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए उन्हें प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। प्राइवेट नावों के लिए किराया भी तय किया गया है। ताकि यात्रियों से मनमानी वसूली न हो सके। जानिए कितना देना होगा किराया 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए किराया 25 रुपए तय किया गया है, जबकि 12 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए 50 रुपए लिया जाएगा। साइकिल के लिए 20 और बाइक के लिए 50 रुपए प्रति वाहन निर्धारित किया गया है। तय दर से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुविधा का रखा जा रहा ख्याल जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नावों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जल्द ही हर 5 से 10 मिनट के अंतराल पर नाव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रमुख घाटों पर लाइट, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आम जनता से सहयोग की अपील वहीं, एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि घाट पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लगातार निगरानी रखी जा रही है। आम जनता से अपील है कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। भागलपुर में 4.7 किमी लंबे विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा रविवार देर रात गंगा में गिर गया। जिसके चलते करीब 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। रोजाना करीब 1 लाख लोगों के आवागमन पर असर पड़ा है। ऐसे में लोगों पर अब 2 विकल्प है। नाव या मुंगेर के रास्ते से जा सकते हैं। हालांकि लंबी दूरी से बचने के लिए लोग नाव का ही सहारा ले रहे हैं। भास्कर से बातचीत में नवगछिया की छात्रा पूजा और केला कारोबारी मनोहर यादव बताया था कि मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। नाव वाले पर ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। हालांकि इसकी जानकारी के बाद जिला प्रशासन से नाव से यात्रा के लिए किराया लिस्ट जारी किया है। प्राइवेट नावों के लिए किराया फिक्स मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और SSP प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त तौर पर बरारी से महादेवपुर गंगा घाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकारी नाव जेटी का संचालन प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक शुल्क किया जा रहा है। इसके साथ ही निजी नावों को भी परिचालन की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए उन्हें प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। प्राइवेट नावों के लिए किराया भी तय किया गया है। ताकि यात्रियों से मनमानी वसूली न हो सके। जानिए कितना देना होगा किराया 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए किराया 25 रुपए तय किया गया है, जबकि 12 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के लिए 50 रुपए लिया जाएगा। साइकिल के लिए 20 और बाइक के लिए 50 रुपए प्रति वाहन निर्धारित किया गया है। तय दर से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुविधा का रखा जा रहा ख्याल जिलाधिकारी ने कहा कि घाटों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नावों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जल्द ही हर 5 से 10 मिनट के अंतराल पर नाव उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रमुख घाटों पर लाइट, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आम जनता से सहयोग की अपील वहीं, एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि घाट पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लगातार निगरानी रखी जा रही है। आम जनता से अपील है कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


