औरंगाबाद में गयाजी के एक सरकारी टीचर की मौत हो गई। सोन पुल से नीचे गिरने से हादसा हुआ है। तिलक समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मृतक की पहचान मानपुर प्रखंड के भोरे गांव निवासी ईश्वरी दयाल के पुत्र शंभू प्रसाद(45) के तौर पर हुई है। घटना बारुण थाना क्षेत्र के एनएच-19 स्थित सोन पुल की है। जानकारी के अनुसार, शंभू प्रसाद अपने गांव से दोस्त विजेंद्र प्रसाद की बेटी के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए रोहतास जिले के तिलौथू बाजार जा रहे थे। अन्य लोगों के साथ यात्री बस में सवार थे। रास्ते में भीषण जाम लग गया, जिसके कारण बस काफी देर तक धीरे-धीरे फंसी रही। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बस बारुण बाजार से सोन पुल तक पहुंची। जाम की स्थिति ऐसी थी कि बस लंबे समय तक पुल पर ही खड़ी रही। गर्मी और घुटन के कारण बस में बैठे कई यात्री नीचे उतर गए। शंभू प्रसाद भी बस से उतरकर पुल पर टहलने लगे। इसी दौरान अचानक पुल पर रखा लोहे का एक स्लैब खिसक गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। सीधे सोन नदी में जा गिरे। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम स्थानीय लोगों की मदद से नदी से बाहर निकाला गया। पुल से नीचे गिरने के कारण शंभू को गंभीर चोटें आई थीं। तत्कालइलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया। देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के दोस्त विजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शंभू मध्य विद्यालय में शिक्षक थे। बेहद मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे। पूरे उत्साह के साथ तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया। औरंगाबाद में गयाजी के एक सरकारी टीचर की मौत हो गई। सोन पुल से नीचे गिरने से हादसा हुआ है। तिलक समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मृतक की पहचान मानपुर प्रखंड के भोरे गांव निवासी ईश्वरी दयाल के पुत्र शंभू प्रसाद(45) के तौर पर हुई है। घटना बारुण थाना क्षेत्र के एनएच-19 स्थित सोन पुल की है। जानकारी के अनुसार, शंभू प्रसाद अपने गांव से दोस्त विजेंद्र प्रसाद की बेटी के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए रोहतास जिले के तिलौथू बाजार जा रहे थे। अन्य लोगों के साथ यात्री बस में सवार थे। रास्ते में भीषण जाम लग गया, जिसके कारण बस काफी देर तक धीरे-धीरे फंसी रही। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बस बारुण बाजार से सोन पुल तक पहुंची। जाम की स्थिति ऐसी थी कि बस लंबे समय तक पुल पर ही खड़ी रही। गर्मी और घुटन के कारण बस में बैठे कई यात्री नीचे उतर गए। शंभू प्रसाद भी बस से उतरकर पुल पर टहलने लगे। इसी दौरान अचानक पुल पर रखा लोहे का एक स्लैब खिसक गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। सीधे सोन नदी में जा गिरे। जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम स्थानीय लोगों की मदद से नदी से बाहर निकाला गया। पुल से नीचे गिरने के कारण शंभू को गंभीर चोटें आई थीं। तत्कालइलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे ने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया। देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के दोस्त विजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शंभू मध्य विद्यालय में शिक्षक थे। बेहद मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे। पूरे उत्साह के साथ तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया।


