IIM बोधगया के 11 साल हुए पूरे:207 विद्यार्थियों का नए सत्र में स्वागत, कार्यकारी PhD के पहले बैच की शुरुआत

IIM बोधगया के 11 साल हुए पूरे:207 विद्यार्थियों का नए सत्र में स्वागत, कार्यकारी PhD के पहले बैच की शुरुआत

आईआईएम बोध गया ने 31 अगस्त को अपना स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान के 11 साल पूरे हुए। इस दौरान कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ किया गया और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम नए विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक था। संस्थान ने इस साल कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्राएं और 137 छात्र शामिल हैं। कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच में 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष और 2 महिला शोधार्थी हैं। पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने रहने की अपील ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद, पीएचडी कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. अविरल कुमार तिवारी ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम का परिचय दिया, जबकि आईपीएम कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो. अर्चना पात्रो ने आईपीएम कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने आईपीएम के नए बैच का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बोध गया के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। प्रो. सहाय ने युवा विद्यार्थियों से कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने उनसे पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने, बल्कि बड़े सपने देखने और साहसिक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने, नए अवसरों का लाभ उठाने और क्षेत्र के विकास के लिए नई दिशाएं तय करने के लिए प्रेरित किया। 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नितीश मिश्रा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बिहार के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार की ओर से 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोध गया बिहार राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है, नए उद्यम स्थापित कर रहा है और अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है।”

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक केक कटिंग समारोह और आईआईएम बोध गया शैक्षणिक समुदाय की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनके परिश्रम, दृढ़ता और खेल भावना का उत्सव मनाया गया। आईआईएम बोध गया ने 31 अगस्त को अपना स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान के 11 साल पूरे हुए। इस दौरान कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच का शुभारंभ किया गया और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम नए विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक था। संस्थान ने इस साल कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्राएं और 137 छात्र शामिल हैं। कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के पहले बैच में 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष और 2 महिला शोधार्थी हैं। पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने रहने की अपील ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद, पीएचडी कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. अविरल कुमार तिवारी ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम का परिचय दिया, जबकि आईपीएम कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रो. अर्चना पात्रो ने आईपीएम कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने आईपीएम के नए बैच का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बोध गया के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहां के लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। प्रो. सहाय ने युवा विद्यार्थियों से कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने उनसे पारंपरिक प्रगति तक सीमित न रहने, बल्कि बड़े सपने देखने और साहसिक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ने, नए अवसरों का लाभ उठाने और क्षेत्र के विकास के लिए नई दिशाएं तय करने के लिए प्रेरित किया। 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नितीश मिश्रा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बिहार के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार की ओर से 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति और वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोध गया बिहार राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है, नए उद्यम स्थापित कर रहा है और अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है।”

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक केक कटिंग समारोह और आईआईएम बोध गया शैक्षणिक समुदाय की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनके परिश्रम, दृढ़ता और खेल भावना का उत्सव मनाया गया।  

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