अंबिकापुर. शहर के राम मंदिर रोड में स्थित गली में गुरुवार को थोक प्लास्टिक व पटाखे का गोदाम व दुकान में आग लगी थी। 36 घंटे बाद भी आग (Huge fire in Ambikapur) नहीं बुझ पाई। दूसरे दिन भी बिल्डिंग से आग धधकती रही। बिल्डिंग जलकर खाक हो चुकी है। पीछे का हिस्सा गिर चुका है। आस पास के 19 घरों को खाली करा दिया गया है। पूरे मोहल्ले की लाइट काट दी गई है। भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। इधर कलेक्टर ने आग लगने की घटना के लिए जांच टीम का गठन किया है।
शहर के व्यवसायी मुकेश अग्रवाल द्वारा रिहायशी इलाके में पटाखे व प्लास्टिक का गोदाम व दुकान संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि गुरुवार को गोदाम में लिफ्ट के काम के लिए गैस वेल्डिंग कराई जा रही थी। काम के दौरान चिंगारी गैस वेल्डिंग का चिंगारी उडऩे से आग (Huge fire in Ambikapur) लगना बताया जा रहा है।

शुरूआती समय में कर्मचारी व संचालक खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। इस दौरान पड़ोस की एक महिला व युवती भी जख्मी हुई थीं। पटाखा व प्लास्टिक दुकान में लगी आग से 7 से 8 घरों को नुकसान पहुंचा है। इसमें सामान व बिल्डिंग का कुछ हिस्सा जल (Huge fire in Ambikapur) गया है।
5 लाख लीटर से अधिक पानी का खपत
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड, अडानी, एयरपोर्ट के दमकल को लगाया गया था। इसके साथ ही अडानी के कर्मचारी भी लगे थे। आग बुझाने का काम 24 घंटे तक चला। इसके बावजूद भी आग (Huge fire in Ambikapur) नहीं बुझ पाई। आग बुझाने में लगभग 5 लाख लीटर पानी का खपत होना बताया जा रहा है। इस दौरान मायापुर पानी टंकी और फायर ब्रिगेड का पानी टंकी सूख गया। इस स्थिति में पीजी कॉलेज के पास से पानी की आपूर्ति ग्रीन कॉरिडॉर बनाकर की गई।
जिला प्रशासन ने गठित की जांच टीम
शहर में राममंदिर के सामने स्थित मुकेश प्लास्टिक दुकान में हुई आगजनी (Huge fire in Ambikapur) की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 23 अप्रैल को हुई आगजनी की घटना के परिप्रेक्ष्य में एसएसपी के पत्र के आधार पर पुलिस, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए जांच दल गठित किया गया है।
गठित जांच दल में एसडीएम अम्बिकापुर, सीएसपी, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रतिनिधि, जिला नगर सेना तथा निगम ईई को शामिल किया गया है। वहीं शहर के सभी पटाखा दुकानों के भण्डारण/गोदामों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि अंबिकापुर में 8 स्थाई पटाखा (Huge fire in Ambikapur) लायसेंसधारी एवं 2 पटाखा निर्माण के लायसेंसधारी संचालित हैं। इनमें मो. जुनैद, सतीश कुमार जैन, विनोद कुमार जैन, रोशनलाल गोयल, आशीष कुमार अग्रवाल, अजय कुमार गोयल, गौरीशंकर पाण्डेय, मुकेश कुमार अग्रवाल (दो प्रविष्टियां, जिनमें एक पटाखा निर्माण हेतु) तथा मनोज कुमार मारू (पटाखा निर्माण हेतु) शामिल हैं।


