अंधेरे में डूबा हुब्बल्ली-धारवाड़ बीआरटीएस कॉरिडोर, खराब स्ट्रीट लाइटों से राहगीरों और वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी

अंधेरे में डूबा हुब्बल्ली-धारवाड़ बीआरटीएस कॉरिडोर, खराब स्ट्रीट लाइटों से राहगीरों और वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी

हुब्बल्ली-धारवाड़ बीआरटीएस कॉरिडोर पर बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें खराब होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छा रहा है। इससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब 18 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर और इसके साथ लगने वाली मिश्रित यातायात लेन पर कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। जानकारी के अनुसार कॉरिडोर और मिक्स्ड ट्रैफिक लेन पर कुल करीब 775 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिनमें से 37 से अधिक लाइटें खराब हो चुकी हैं। होसुर क्रॉस से लेकर उनकल लेक तक कुछ स्थानों पर लाइटें दिखाई देती हैं, लेकिन उसके बाद कई हिस्सों में अंधेरा रहता है। उनकल लेक से एपीएमसी मेन गेट तक भी कई लाइटें बंद हैं। नवनगर, इस्कॉन से रायपुर, सत्तूर रेलवे ब्रिज और लक्ष्मणहल्ली क्षेत्र में भी कई जगहों पर रोशनी की कमी देखी जा रही है।

सुरक्षित आवागमन के लिए स्ट्रीट लाइट बेहद जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में वाहन चलाते समय सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर और गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात में सुरक्षित आवागमन के लिए स्ट्रीट लाइट बेहद जरूरी हैं। लाइटें बंद रहने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।

खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का काम शुरू
वहीं बीआरटीएस प्रबंधन का कहना है कि खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। बीआरटीएस की प्रबंध निदेशक के अनुसार, खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का काम जारी है और जल्द ही इन्हें ठीक कर दिया जाएगा। शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटों की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में नागरिकों का कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों पर रोशनी की उचित व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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