‘मुझे घर से निकाला,फिर पापा ने मम्मी का मर्डर किया’:10 साल की बेटी बोली- वो हमेशा मां को पीटते थे; 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

‘मुझे घर से निकाला,फिर पापा ने मम्मी का मर्डर किया’:10 साल की बेटी बोली- वो हमेशा मां को पीटते थे; 5 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

‘पापा रोज गांजा पीकर घर आते थे। मम्मी के साथ हमेशा मारपीट करते थे। वो मम्मी पर शक करते थे कि मां उनके पीछे में हमारे साथ मारपीट करती है। गुरुवार दोपहर हम सभी पांच भाई-बहन और मम्मी घर में थे। तभी पापा आए और मम्मी को पीटने लगे। हम लोगों को पापा ने घर से बाहर भेज दिया। उसके बाद अपने साथ लाए हथियार से मम्मी का गला काट दिया।’ यह कहना गढ़पुरा थाना क्षेत्र के कोरैय गांव के रहने वाले अमित पंडित की 10 साल की बेटी रुक्मिणी का है। जिसकी मां गायत्री देवी की गला काटकर हत्या कर दी गई। 5 साल के बेटे अक्षय ने मुखाग्नि देकर सिमरिया गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया है। अब घर में ताला लगा हुआ है और पांचों बच्चे अपने चाचा-चाची के यहां है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… एफसीआई में नौकरी करते थे पिता कोरैय गांव के रहने वाले शेखर पंडित एफसीआई नौकरी करते थे। सरकारी नौकरी करते हुए अच्छा घर बनाया, जमीन भी खरीद लिया। दोनों बेटे अशोक पंडित और अक्ष्य पंडित दोनों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया। 2 साल से लगी नशे की लत दोनों बेटे गांव में ही रहते थे, बड़ा भाई अशोक खेती-बाड़ी करता था। उसके कोई बच्चे नहीं है, जरूरत के समय अशोक पंडित अपने भाई की मदद भी करता था। लेकिन पिछले करीब 2 साल से अमित को अधिक नशे की आदत लग गई। उससे पहले तो सिर्फ भारी मात्रा में भांग खाता था। पत्नी नशा करने से रोकती थी, तो उसके साथ झगड़ा करता था। गुस्से में आकर कुछ दिन पहले उसने अपनी बीमारी के लिए लाया गया दवा भी गैस चुल्हा पर जला दिया था। 3 महीने से वह गांव में बना देसी शराब पीने लगा था। पत्नी रोकती थी, तो मारपीट करने के साथ काट देने की बात करता था। खेत में गन्ना लगा था ,तो गन्ना की कटाई के लिए उसने घर में कत्ता रखा था। बुधवार को उसने कत्ता को धारदार कराया और रात से अपनी पत्नी को काट देने की धमकी देता था। गुरुवार की सुबह अमित गांजा पीने छत पर चला गया। इस दौरान पत्नी गायत्री देवी ने आसपास के कई लोगों से जाकर गुहार लगाई कि कत्ता पर धार कराया है। मुझे काटने की धमकी दे रहा है, उसे समझाइए, मुझे बचा लीजिए, लेकिन कोई नहीं आया। धारदार हथियार से काटा गला दोपहर में करीब 12:30 बजे अमित कत्ता(धारदार हथियार) लेकर घर आया और मारपीट करने के बाद पत्नी जब नीचे गिर गई, तो धारदार कत्ता से उसका गला काट डाला। पत्नी की गला काटकर हत्या करने के बाद घर से थोड़ी दूर पर स्थित गन्ना के खेत में जाकर छुप गया था। लेकिन पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से उसे पकड़ लिया है। पत्नी गायत्री देवी की लाश को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया और वहीं से सिमरिया ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहां 5 साल के बेटे अक्षय ने शुक्रवार को मुखाग्नि दी। रात से ही अमित के बड़े भाई अशोक पंडित ने पांचों बच्चों को अपने घर में रख लिया, उसके खाने की व्यवस्था की है। लेकिन इन बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। मां मर गई और पिता जेल चला गया है। फिलहाल पांचों बच्चे रूक्मिणी, देवांशी, अक्षय, महालक्ष्मी और हनुमान घर पर आने वाले हर किसी को एकटक सिर्फ देख रहे हैं। सही से बोल भी नहीं पा रहे। डेढ़ साल का मासूम हनुमान अपनी मां को खोज रहा है। अब जानिए बेटी ने क्या कहा… रुक्मिणी ने बताया कि हम सभी घर में थे, पापा ने बाहर जाने कहा तो हम दरवाजे पर गए और पापा मम्मी को लेकर रूम में चले गए। मारपीट करने लगे, फिर मम्मी गिर गई तो मम्मी का गला काट दिया और पापा चले गए। हम आए तो मम्मी का गला कटा हुआ था, वहीं कत्ता रखा था और बहुत खून भी गिरा हुआ था। पापा भाग गए थे, सब लोग आए तो मम्मी को अस्पताल ले गए और वहीं से जलाने के लिए लेकर चले गए। पापा रोज गांजा पीकर कहते थे कि तुम हमारे बच्चों को पीटती हो, तंग करती हो। पापा 2 साल से गांजा पिया करते थे। हम लोगों को नहीं मारते थे, लेकिन मम्मी की बहुत पिटाई करते थे। पापा ई-रिक्शा और ट्रैक्टर चलाते थे। हम पांच भाई-बहन हैं, जिसमें से सबसे बड़ी मैं हूंं और गांव के ही स्कूल में पांचवी क्लास में पढ़ते हैं। पड़ोसी बोले- समाज में गलत मैसेज गया पड़ोसी स्वर्णिम प्रभात बताते हैं कि गुरुवार को जो हमारे गांव में घटना हुई, यह गांव समाज के लिए बहुत ही गलत मैसेज देने वाली घटना है। आरोपी भांग तो खाता ही था, गांजा भी पीने लगा था। वह मानसिक रूप से बीमार रहने लगा, जिसका इलाज ही चल रहा था, लेकिन दवा जला दिया। करीब तीन महीने से महुआ शराबी पीने लगा था। जिससे उसकी दिमागी हालत खराब रहने लगी। पति-पत्नी में नशा के कारण हुए झगड़ा को लेकर हमने 10 दिन पहले समझाने का प्रयास किया, तो बड़े अलग भाषा मैं बात किया। नशा बाजी के कारण पांच बच्चे अनाथ हो गए हैं। हत्या के बाद ग्रामीणों के सहयोग और लोकेशन ट्रैक करके अमित को पकड़ा गया। सभी ग्रामीण घटना से काफी उग्र हैं, अमित को कड़ी सजा मिले। अभी पांचो बच्चे अपने चाचा अशोक पंडित के यहां हैं। अशोक और अमित का घर एक ही बिल्डिंग में है। लेकिन अमित कभी भाई को काटने की धमकी देता था, तो कभी पिता को काटने की धमकी देता था। जिसके कारण घर दो भागों में बंट गया और भाई अलग रहने लगे थे। बड़ा भाई अशोक पंडित ने मेहनत करके घर बनवाया था। वह अमित को काफी सपोर्ट करता था, अब सभी बच्चों को रखा है। ‘पापा रोज गांजा पीकर घर आते थे। मम्मी के साथ हमेशा मारपीट करते थे। वो मम्मी पर शक करते थे कि मां उनके पीछे में हमारे साथ मारपीट करती है। गुरुवार दोपहर हम सभी पांच भाई-बहन और मम्मी घर में थे। तभी पापा आए और मम्मी को पीटने लगे। हम लोगों को पापा ने घर से बाहर भेज दिया। उसके बाद अपने साथ लाए हथियार से मम्मी का गला काट दिया।’ यह कहना गढ़पुरा थाना क्षेत्र के कोरैय गांव के रहने वाले अमित पंडित की 10 साल की बेटी रुक्मिणी का है। जिसकी मां गायत्री देवी की गला काटकर हत्या कर दी गई। 5 साल के बेटे अक्षय ने मुखाग्नि देकर सिमरिया गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया है। अब घर में ताला लगा हुआ है और पांचों बच्चे अपने चाचा-चाची के यहां है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… एफसीआई में नौकरी करते थे पिता कोरैय गांव के रहने वाले शेखर पंडित एफसीआई नौकरी करते थे। सरकारी नौकरी करते हुए अच्छा घर बनाया, जमीन भी खरीद लिया। दोनों बेटे अशोक पंडित और अक्ष्य पंडित दोनों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया। 2 साल से लगी नशे की लत दोनों बेटे गांव में ही रहते थे, बड़ा भाई अशोक खेती-बाड़ी करता था। उसके कोई बच्चे नहीं है, जरूरत के समय अशोक पंडित अपने भाई की मदद भी करता था। लेकिन पिछले करीब 2 साल से अमित को अधिक नशे की आदत लग गई। उससे पहले तो सिर्फ भारी मात्रा में भांग खाता था। पत्नी नशा करने से रोकती थी, तो उसके साथ झगड़ा करता था। गुस्से में आकर कुछ दिन पहले उसने अपनी बीमारी के लिए लाया गया दवा भी गैस चुल्हा पर जला दिया था। 3 महीने से वह गांव में बना देसी शराब पीने लगा था। पत्नी रोकती थी, तो मारपीट करने के साथ काट देने की बात करता था। खेत में गन्ना लगा था ,तो गन्ना की कटाई के लिए उसने घर में कत्ता रखा था। बुधवार को उसने कत्ता को धारदार कराया और रात से अपनी पत्नी को काट देने की धमकी देता था। गुरुवार की सुबह अमित गांजा पीने छत पर चला गया। इस दौरान पत्नी गायत्री देवी ने आसपास के कई लोगों से जाकर गुहार लगाई कि कत्ता पर धार कराया है। मुझे काटने की धमकी दे रहा है, उसे समझाइए, मुझे बचा लीजिए, लेकिन कोई नहीं आया। धारदार हथियार से काटा गला दोपहर में करीब 12:30 बजे अमित कत्ता(धारदार हथियार) लेकर घर आया और मारपीट करने के बाद पत्नी जब नीचे गिर गई, तो धारदार कत्ता से उसका गला काट डाला। पत्नी की गला काटकर हत्या करने के बाद घर से थोड़ी दूर पर स्थित गन्ना के खेत में जाकर छुप गया था। लेकिन पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से उसे पकड़ लिया है। पत्नी गायत्री देवी की लाश को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया और वहीं से सिमरिया ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहां 5 साल के बेटे अक्षय ने शुक्रवार को मुखाग्नि दी। रात से ही अमित के बड़े भाई अशोक पंडित ने पांचों बच्चों को अपने घर में रख लिया, उसके खाने की व्यवस्था की है। लेकिन इन बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। मां मर गई और पिता जेल चला गया है। फिलहाल पांचों बच्चे रूक्मिणी, देवांशी, अक्षय, महालक्ष्मी और हनुमान घर पर आने वाले हर किसी को एकटक सिर्फ देख रहे हैं। सही से बोल भी नहीं पा रहे। डेढ़ साल का मासूम हनुमान अपनी मां को खोज रहा है। अब जानिए बेटी ने क्या कहा… रुक्मिणी ने बताया कि हम सभी घर में थे, पापा ने बाहर जाने कहा तो हम दरवाजे पर गए और पापा मम्मी को लेकर रूम में चले गए। मारपीट करने लगे, फिर मम्मी गिर गई तो मम्मी का गला काट दिया और पापा चले गए। हम आए तो मम्मी का गला कटा हुआ था, वहीं कत्ता रखा था और बहुत खून भी गिरा हुआ था। पापा भाग गए थे, सब लोग आए तो मम्मी को अस्पताल ले गए और वहीं से जलाने के लिए लेकर चले गए। पापा रोज गांजा पीकर कहते थे कि तुम हमारे बच्चों को पीटती हो, तंग करती हो। पापा 2 साल से गांजा पिया करते थे। हम लोगों को नहीं मारते थे, लेकिन मम्मी की बहुत पिटाई करते थे। पापा ई-रिक्शा और ट्रैक्टर चलाते थे। हम पांच भाई-बहन हैं, जिसमें से सबसे बड़ी मैं हूंं और गांव के ही स्कूल में पांचवी क्लास में पढ़ते हैं। पड़ोसी बोले- समाज में गलत मैसेज गया पड़ोसी स्वर्णिम प्रभात बताते हैं कि गुरुवार को जो हमारे गांव में घटना हुई, यह गांव समाज के लिए बहुत ही गलत मैसेज देने वाली घटना है। आरोपी भांग तो खाता ही था, गांजा भी पीने लगा था। वह मानसिक रूप से बीमार रहने लगा, जिसका इलाज ही चल रहा था, लेकिन दवा जला दिया। करीब तीन महीने से महुआ शराबी पीने लगा था। जिससे उसकी दिमागी हालत खराब रहने लगी। पति-पत्नी में नशा के कारण हुए झगड़ा को लेकर हमने 10 दिन पहले समझाने का प्रयास किया, तो बड़े अलग भाषा मैं बात किया। नशा बाजी के कारण पांच बच्चे अनाथ हो गए हैं। हत्या के बाद ग्रामीणों के सहयोग और लोकेशन ट्रैक करके अमित को पकड़ा गया। सभी ग्रामीण घटना से काफी उग्र हैं, अमित को कड़ी सजा मिले। अभी पांचो बच्चे अपने चाचा अशोक पंडित के यहां हैं। अशोक और अमित का घर एक ही बिल्डिंग में है। लेकिन अमित कभी भाई को काटने की धमकी देता था, तो कभी पिता को काटने की धमकी देता था। जिसके कारण घर दो भागों में बंट गया और भाई अलग रहने लगे थे। बड़ा भाई अशोक पंडित ने मेहनत करके घर बनवाया था। वह अमित को काफी सपोर्ट करता था, अब सभी बच्चों को रखा है।  

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