शहर के नानाखेड़ी इलाके में दुकानदार पर फायर करने वाले युवक को बंदूक सप्लाई करने वाले आरोपी को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शिवपुरी जिले से पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। बता दें कि राधा कॉलोनी निवासी संजीव जैन की नानाखेड़ी मंडी गेट के पास पुरानी गाडिय़ां खरीदने-बेचने की दुकान है। 9 अप्रैल को संजीव अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी शाम 4 बजे अचानक एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए बाइक से वहां पहुंचा। आरोपी ने चिल्लाते हुए संजीव को ललकारा और कहा, मैं बताता हूं तुझे, तू बहुत बड़ा गुंडा बनता है। इतना कहते ही आरोपी ने पिस्तौल निकाली और करीब 20 फीट की दूरी से संजीव को निशाना बनाकर दनादन दो फायर झोंक दिए। संजीव ने फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाया, जिससे दोनों गोलियां उन्हें छुए बिना दुकान की दीवार में जा धंसी। हमलावर ने जैसे ही तीसरा फायर करने की कोशिश की, गोली पिस्तौल के चैंबर में ही फंस (मिसफायर) गई। तीसरा फायर अटकते ही आरोपी छोटू बैरागी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन दुकानदार संजीव जैन ने हार नहीं मानी और शोर मचाते हुए स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को घेर लिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए संजीव ने आरोपी को पकडक़र दुकान के अंदर धकेला और बाहर से शटर गिराकर उसे कैद कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। SP हितिका वासल ने बताया था कि पुलिस इस मामले में यह पता लगाएगी कि वो हथियार कहां से लाया था। कैंट पुलिस ने आरोपी से जप्त पिस्टल के अन्य स्त्रोत के संबंध पूछताछ के लिए न्यायालय से उसे पुलिस रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की थी। साथ ही आरोपी छोटू बैरागी और अरिवन्द कटारिया के खिलाफ एक और मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी छोटू बैरागी ने खुलासा किया था कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल उसे शिवपुरी निवासी रिस्की पठान ने उपलब्ध कराई थी। इस जानकारी के बाद कैंट थाना प्रभारी अनूप कुमार भार्गव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम लगातार सप्लायर की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने शिवपुरी के गौशाला क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी रिस्की उर्फ कल्लू उर्फ शोएब खान (30) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी रिस्की पठान के अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क को खंगाल रही है, ताकि इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। इस पूरी कार्यवाही में कैंट थाने के SI कुशल पाल, आरक्षक राजू बघेल, धर्मेंद्र रघुवंशी, महेंद्र वर्मा और साइबर सेल से कुलदीप यादव की भूमिका रही।


