सरकारी नौकरी से रिटायर होने का मतलब अब परेशानी नहीं, बल्कि सम्मान और सुकून बनता जा रहा है। प्रोजेक्ट वंदन के तहत अब कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन और बाकी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करके दी जा रही है। इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे, जो पहले एक बड़ी समस्या हुआ करती थी।
हाल ही में रायपुर में 44 रिटायर हुए अधिकारी और कर्मचारियों के लिए एक साथ सम्मान समारोह रखा गया। उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर विदाई दी गई। खास बात ये रही कि कुछ कर्मचारियों को उसी दिन लाखों रुपए का भुगतान और जरूरी दस्तावेज भी मिल गए, जबकि बाकी लोगों को कुछ ही दिनों में सब देने की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों ने बताया-पहले होती थी परेशानी
रिटायर हुए कर्मचारियों का कहना है कि पहले पेंशन के लिए महीनों तक परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब सब कुछ समय पर मिल रहा है। कई लोगों ने बताया कि अपने पूरे करियर में पहली बार उन्हें इस तरह सम्मान के साथ विदाई मिली, जिससे रिटायरमेंट का दिन यादगार बन गया। अब अनुभव का भी मिलेगा समाज को लाभ
इसके साथ ही “प्रोजेक्ट सेकेंड इनिंग” भी शुरू किया गया है, ताकि रिटायर हो चुके लोग अपने अनुभव का उपयोग आगे भी कर सकें। जो लोग चाहें, वे पढ़ाई, मार्गदर्शन या सामाजिक कामों में योगदान दे सकते हैं। इससे उनका अनुभव समाज के काम आएगा और वे खुद भी सक्रिय बने रहेंगे।


