MEA Advisory West Asia: गल्फ और वेस्ट एशिया में बदलते हालात के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। विदेश मंत्रालय यानी मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) ने क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निगरानी और संपर्क बढ़ा दिया है। सरकार की ओर से नई एडवाइजरी जारी की गई है और भारतीय दूतावासों को हर स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
MEA ने बढ़ाई निगरानी, 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। हेल्पलाइन लगातार सक्रिय हैं और जरूरतमंद नागरिकों की सहायता की जा रही है। मिशन स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही भारतीय समुदाय, प्रोफेशनल ग्रुप्स और कंपनियों के जरिए जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
भारतीयों के लिए जारी की गई नई एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए समय-समय पर अपडेटेड एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देश, फ्लाइट और यात्रा से जुड़ी जानकारी, कांसुलर सेवाएं और अन्य जरूरी मदद शामिल है। सरकार ने खास तौर पर लोगों से अपील की है कि वे स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
नाविकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
सरकार ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय सीफेयरर्स (जहाजों के चालक दल) की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इन नाविकों को हर संभव सहायता दे रहे हैं, जिसमें कांसुलर मदद, समन्वय और जरूरत पड़ने पर भारत लौटने की सुविधा शामिल है।
फ्लाइट सेवाएं और यात्रा की स्थिति
हालात के बावजूद भारत और वेस्ट एशिया के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 28 फरवरी से अब तक करीब 12.96 लाख यात्रियों ने इस क्षेत्र से भारत की यात्रा की है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सीमित लेकिन नियमित उड़ानें जारी हैं और एक दिन में लगभग 110 फ्लाइट्स के संचालन की उम्मीद है। सऊदी अरब और ओमान से भी उड़ान सेवाएं जारी हैं। वहीं कतर, कुवैत और बहरीन ने अपने एयरस्पेस को आंशिक रूप से खोल दिया है, जिससे यात्रा के विकल्प बढ़े हैं।
ईरान को लेकर सख्त एडवाइजरी
ईरान को लेकर सरकार ने खास एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों को वहां यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। जो लोग पहले से ईरान में मौजूद हैं, उन्हें दूतावास की मदद से सुरक्षित स्थानों या पड़ोसी देशों के रास्ते बाहर निकलने के लिए कहा गया है। अब तक 2,445 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
इजरायल और अन्य देशों की स्थिति
इजरायल में सीमित फ्लाइट सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं, जिससे भारतीय नागरिकों को वापस लौटने में मदद मिल रही है। इसके अलावा इराक जैसे देशों में भी सीमित सेवाएं चालू हैं, जिससे आगे की यात्रा संभव हो पा रही है।


