पंजाब के कपूरथला में कत्ल किया गया गैंगस्टर गोपी निज्जर आखिर तक अपने साथी कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए अड़ा रहा। सुक्खा काहलवां की पुलिस कस्टडी में हत्या की गई थी। इस मामले में एक-एक कर सारे गवाह मुकर गए। यहां तक कि कत्ल के वक्त मौजूद पुलिसवाले भी मुकर गए लेकिन गोपी निज्जर अड़ा रहा। उसे एक आरोपी के पिता ने 30 लाख रुपए का ऑफर भी दिया था लेकिन उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया। कॉलेज फ्रेंड से सुक्खा काहलवां का राइट हैंड बने गोपी निज्जर की उसी की कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। कत्ल की जिम्मेदारी गोपी घनश्यामपुरिया गैंग के गैंगस्टर डोनी बल ने ली। जिसमें उसने कत्ल की 2 वजहें भी बताईं। गोपी निज्जर की सुक्खा से दोस्ती कैसे हुई, सुक्खा मर्डर के बाद उसने कैसे गैंग संभाली, उसकी कत्ल की वजह क्या रही, ये सब जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… गोपी निज्जर ने खुद बताई थी पूरी कहानी सुक्खा काहलवां मर्डर केस में 8 लोग हो चुके बरी
कपूरथला की अदालत में केस लड़ने वाली सुक्खा काहलवां केस की एडवोकेट शेफाली शर्मा ने 2019 में बताया था कि सत्र न्यायालय ने इस मामले में 8 आरोपियों को बरी कर दिया। क्योंकि पुलिस अधिकारी और अन्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। सुक्खा काहलवां पर हत्या, अपहरण और जबरन वसूली के मामले दर्ज थे और उसे पंजाब के सबसे खतरनाक शार्पशूटरों में गिना जाता था। गोपी निज्जर की हत्या क्यों हुई?
गैंगस्टर डोनी बल की तरफ से एक पोस्ट में दावा किया गया कि गोपी निज्जर का कत्ल मैंने कराया। इसकी उसने 2 वजहें बताई। एक तो उसने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के कत्ल के बाद खुशी मनाई थी। इससे डोनी बल ने उसे गैंगस्टर लॉरेंस का करीबी माना। दूसरी वजह उनके गुर्गे गोरे का कत्ल करने वालों को पनाह देने का आरोप लगाया। इसके अलावा सुक्खा काहलवां का कत्ल करने वाले विक्की गौंडर के बारे में भी सोशल मीडिया पर बुरा बोला। सुक्खा की गैंग संभाल रहा था गोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार 21 जनवरी 2015 को सुक्खा काहलवां की हत्या हुई। फगवाड़ा में विक्की गौंडर गैंग ने 40 राउंड फायर कर सुक्खा को मार दिया था। सुक्खा को 12 गोलियां लगी थीं। मौत के बाद उन लोगों ने भांगड़ा भी डाला था। इसके बाद गोपी ने उसकी गैंग संभाल ली। सुक्खा की तरह की युवाओं को जोड़ता रहा। गोपी पर फिरौती, हथियार तस्करी समेत संगीन अपराधों के 2 दर्ज केस दर्ज थे। सुक्खा काहलवां ने ये गैंग साल 2000 में बनाई थी। उस पर भी कत्ल होने तक लूट, फिरौती, मर्डर सहित 48 से भी ज्यादा केस दर्ज हो चुके थे। मां बोली- मैंने रोका था, वह गाड़ी लेकर चला गया
गोपी निज्जर की मौत के बाद परिवार ने बताया कि गुरुवार शाम 7 बजे के करीब गोपी घर से किसी रेस्टोरेंट में जाना का बोलकर निकला। उसकी मां ने उसे कहा भी कि तुम्हें बहुत सी धमकियां मिल रही हैं। तुम अकेले मत जाया करो। इस पर गोपी ने मां को कहा कि थोड़ी देर के लिए जाना है किसी से मिलना है और वापस आ जाना है। मां ने बताया कि इसके बाद गोपी बात को अनसुनी कर कार उठाकर चला गया। वह अकेला ही गया था। गांव से कुछ दूर बाहर ही अज्ञात लोगों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। गोपी निज्जर अभी कुंवारा था और ग्रेजुएशन कर रखी थी।


