Gaya Darbhanga Expressway Bihar: बिहार का 170 किमी लंबा गया-दरभंगा एक्सप्रेसवे 7 जिलों को जोड़ेगा। जानें दिल्ली-दरभंगा का सफर 10-12 घंटे और पटना-दिल्ली 9-10 घंटे में कैसे हो सकेगा।
Gaya Darbhanga Expressway: बिहार में बन रहा गया-दरभंगा एक्सप्रेसवे राज्य के सड़क नेटवर्क को बड़ा बदलाव देने वाला है। करीब 170 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे बिहार के दक्षिणी और उत्तरी हिस्से को सीधे जोड़ेगा। इससे कई शहरों के बीच सफर का समय कम होने की उम्मीद है। यह चार लेन का नया एक्सप्रेसवे होगा, जिस पर प्रवेश और निकास तय जगहों से ही होगा। इसे भारतमाला परियोजना के पहले चरण के तहत बनाया जा रहा है। मुख्य मार्ग और इससे जुड़े लिंक रास्तों की कुल लंबाई करीब 230 किलोमीटर होगी।

इन 7 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गया-दरभंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य रास्ता औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा से होकर गुजरेगा। इससे इन सात जिलों को सीधे सड़क संपर्क का फायदा मिलेगा। एक्सप्रेसवे का दक्षिणी छोर आमस के पास औरंगाबाद-गया सीमा से शुरू होगा। यहां यह एनएच-19 से जुड़ेगा, जो दिल्ली-कोलकाता मार्ग का हिस्सा है। इसका उत्तरी छोर दरभंगा के बेला नवादा में होगा। यहां यह एनएच-27 से जुड़ेगा। एक्सप्रेसवे से बोधगया और राजगीर को जोड़ने के लिए अलग लिंक सड़कें बनाने की भी योजना है।

गया से दरभंगा का सफर 3-4 घंटे में
फिलहाल आमस से दरभंगा पहुंचने में करीब छह से सात घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर करीब तीन से चार घंटे होने का अनुमान है। इससे पटना, गया, राजगीर, बोधगया और वैशाली जैसे प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। खास तौर पर बौद्ध और जैन पर्यटन से जुड़े इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क का फायदा मिल सकता है।

दिल्ली-पटना और दिल्ली-दरभंगा का सफर होगा छोटा
इस एक्सप्रेसवे को दूसरे बड़े हाईवे से जोड़ने की योजना है। इसके बाद दिल्ली से बिहार के कई शहरों तक सड़क यात्रा का समय कम हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, दरभंगा से दिल्ली की यात्रा, जिसमें अभी करीब 18 से 22 घंटे लगते हैं, घटकर करीब 10 से 12 घंटे हो सकती है। यह यात्रा आमस-दरभंगा, पूर्वांचल और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते पूरी की जा सकेगी। वहीं पटना से दिल्ली का सफर करीब 9 से 10 घंटे में पूरा होने का अनुमान है। फिलहाल इस यात्रा में करीब 16 से 18 घंटे लगते हैं। दरभंगा से कोलकाता का सफर भी करीब सात से आठ घंटे में पूरा हो सकता है। अभी इसमें करीब 14 से 16 घंटे लगते हैं।

किसानों और कारोबार को भी फायदा
बेहतर सड़क संपर्क का फायदा बिहार के कृषि उत्पादों को भी मिल सकता है। उत्तर बिहार का मखाना और लीची जैसे उत्पाद दक्षिण बिहार के साथ-साथ दिल्ली-कोलकाता के बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाए जा सकेंगे। एक्सप्रेसवे से बिहार के अलग-अलग हिस्सों के बीच माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पटना के पास बनेगा नया गंगा पुल
इस पूरे सड़क नेटवर्क को पटना के आसपास बन रहे दूसरे बड़े प्रोजेक्ट से भी मदद मिलेगी। कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच गंगा पर करीब 9.75 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल बनाया जा रहा है। यह पुल पटना के पास गंगा पार करने के लिए महत्वपूर्ण संपर्क देगा। इसे शहर के बाहरी रिंग रोड से भी जोड़ने की योजना है। इससे भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।

चार राज्यों को जोड़ेगा बड़ा हाईवे नेटवर्क
गया-दरभंगा एक्सप्रेसवे को वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने की योजना है। करीब 610 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। बिहार में इसका करीब 170 किलोमीटर हिस्सा होगा। यह कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया से होकर गुजरेगा।
इन सभी परियोजनाओं के जुड़ने के बाद बिहार के प्रमुख शहरों, पर्यटन स्थलों, कृषि बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों को दिल्ली, कोलकाता, रांची, वाराणसी और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले बड़े सड़क मार्गों से बेहतर संपर्क मिल सकेगा।

