खाद्य उत्पादों पर लिखे दावों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की सख्ती का असर अब कंपनियों की पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर भी दिखने लगा है। प्राधिकरण ने मंगलवार को बताया कि कई बड़ी खाद्य कंपनियों ने भ्रामक लेबल, स्वास्थ्य संबंधी दावों और अन्य नियमों के उल्लंघन पर जारी नोटिस के बाद सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कार्रवाई करने वाली कंपनियों में एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज, जुजा फूड्स, मॉन्डेलेज इंडिया फूड्स और सैपियन्स लैब्स शामिल हैं। इसके अलावा विची एग्रो प्रोडक्ट्स के एक उत्पाद को लेकर भी कार्रवाई हुई है, जिसका प्रोसेसिंग और पैकिंग जे जे फूड्स ने किया था। प्राधिकरण ने कहा है कि कंपनियों ने कई दावे हटाए हैं और पैकेजिंग तथा प्रचार सामग्री में बदलाव शुरू किया है।
एमवे इंडिया के एक्सएस उत्पादों को लेकर प्राधिकरण ने आपत्ति जताई थी। उत्पाद को एक कैफीनयुक्त पेय के रूप में खाद्य श्रेणी 14.1 के तहत अनुमति मिली थी, लेकिन उस पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद एमवे ने उत्पाद की पैकेजिंग, वेबसाइट और प्रचार सामग्री से ‘एनर्जी’ शब्द हटाने की पुष्टि की है। कंपनी के अनुसार संशोधित पैकेजिंग अगस्त 2026 से शुरू होने वाले अगले उत्पादन चक्र में लागू की जा रही है।
एमवे के एक अन्य उत्पाद ‘100 प्रतिशत शुद्ध नारियल तेल’ के नाम में इस्तेमाल किए गए ‘100 प्रतिशत’ दावे पर भी प्राधिकरण ने आपत्ति जताई। कंपनी ने पैकेजिंग और प्रचार सामग्री से यह दावा हटाने की जानकारी दी है। पुराना माल बिक्री माध्यमों से हटाया जा रहा है, जबकि नई पैकेजिंग सितंबर-अक्टूबर 2026 के दौरान चरणबद्ध तरीके से बाजार में आने की उम्मीद है।
केरल के मलप्पुरम स्थित जुजा फूड्स के शिशु आहार उत्पाद भी जांच के दायरे में आए। प्राधिकरण ने ‘शुद्ध’, ‘प्राकृतिक’, ‘पारंपरिक’, ‘आसानी से पचने वाला’, ‘प्रतिरक्षा बढ़ाने वाला’ और ‘मजबूत हड्डियों में मदद’ जैसे कई दावों पर सवाल उठाए। इसके अलावा ‘100 प्रतिशत रागी’, ‘100 प्रतिशत शाकाहारी’ और पोषक तत्वों की तुलना से जुड़े दावों को भी भ्रामक माना गया।
प्राधिकरण ने यह भी पाया कि कंपनी अपनी वेबसाइट के जरिये खाद्य कारोबार कर रही थी, जबकि उसके लाइसेंस में इंटरनेट के माध्यम से बिक्री की श्रेणी दर्ज नहीं थी। जुजा फूड्स ने उल्लंघनों को स्वीकार करते हुए संबंधित दावे हटाने पर सहमति जताई है। सुधार पूरा होने तक उसकी बिक्री वेबसाइट बंद कर दी गई है और लाइसेंस में जरूरी बदलाव के लिए आवेदन किया गया है।
वहीं, विची एग्रो प्रोडक्ट्स और जे जे फूड्स से जुड़े उत्पाद को भ्रामक व्यापारिक नाम के कारण हटाया गया। फ्लिपकार्ट की ओर से बताया गया कि संबंधित उत्पाद को मंच से हटा दिया गया है। मॉन्डेलेज इंडिया फूड्स ने भी भ्रामक स्वास्थ्य और पोषक तत्वों की तुलना वाले दावों से जुड़े विज्ञापन हटाए हैं। सैपियन्स लैब्स ने भी आपत्ति के बाद संबंधित दावों और विज्ञापनों को वापस ले लिया है।
गौरतलब है कि खाद्य प्राधिकरण इन दिनों खाद्य पदार्थों पर किए जाने वाले भ्रामक दावों और विज्ञापनों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहा है। हाल में नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, एबॉट इंडिया, रेड बुल इंडिया, डैनोन इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी इंडिया, हेल एनर्जी, कोका-कोला इंडिया, डियाजियो, पर्नोड रिकार्ड, फेरेरो इंडिया और केनव्यू समेत कई कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। प्राधिकरण का जोर इस बात पर है कि उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति और गुणवत्ता की सही जानकारी मिले और कंपनियां नियमों के अनुरूप दावे करें।

