अनूपपुर जिले के जैतहरी और फुनगा वन परिक्षेत्र में बुधवार को चार जंगली हाथियों ने रिहायशी मकानों को क्षतिग्रस्त कर फसलों को रौंद दिया। यह हाथी दो अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं, जिससे सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीमें हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर लगातार निगरानी कर रही हैं। तीन हाथियों के दल ने कुकुरगोड़ा में ढहाया मकान छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल से आए तीन हाथियों का दल जैतहरी के बीट धनगवां में सक्रिय है। बुधवार सुबह 9:30 बजे आमापानी के जंगलों में मौजूद इस दल ने कुकुरगोड़ा निवासी छोट्टन के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां रखा धान खा लिया। विभाग ने कुसुम्हाई, पचौहा, लहरपुर और चोई सहित नजदीकी गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। अकेले हाथी ने भोलगढ़ में गन्ने और केले के बागान उजाड़े अनूपपुर वन परिक्षेत्र के फुनगा सर्कल में एक अकेला हाथी उत्पात मचा रहा है, जिसे सुबह 10 बजे PF404 की पहाड़ी पर देखा गया। बीट पोड़ी के भोलगढ़ गांव में इस हाथी ने शंभू पटेल की गेहूं की फसल और केमलासिंह गोंड के गन्ने व केले के बागान को भारी नुकसान पहुंचाया। हाथी ने बारेलाल पाव के मकान की दीवार भी गिरा दी है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत वन विभाग ने हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। परिसर रक्षक कोमल सिंह और सुरेश प्रजापति ने लोगों से महुआ बीनने या जलाऊ लकड़ी के लिए जंगल न जाने की अपील की है। विभाग ने मवेशियों को जंगल में चराने और हाथियों को पत्थर मारकर छेड़ने से बचने की हिदायत दी है।


