दरभंगा. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर आज जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि जनगणना का पहला चरण 31 मई 2026 तक चलेगा। यह देश की 16वीं तथा स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है, जिसे इस बार पूरी तरह डिजिटल मोड में संपन्न कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि पहली बार आम नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना का विकल्प दिया गया था, जो 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चला। इस अभियान में दरभंगा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं मधुबनी प्रथम और वैशाली दूसरे स्थान पर रहे। जिले में कुल 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना पूरी की। जिले में जनगणना के प्रथम चरण के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके अंतर्गत 7655 मकान गणना ब्लॉक (HLB) गठित किए गए हैं। घर-घर सर्वे के लिए 7473 प्रगणकों और उनके पर्यवेक्षण के लिए 1268 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 801 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षक रिजर्व में रखे गए हैं। 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए जनगणना काम के सुचारू संचालन के लिए 4 मास्टर ट्रेनर और 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जिनके द्वारा सभी कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसके आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण (वास्तविक जनगणना) फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय आंकड़ों का संग्रहण करना है, ताकि विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में सहायता मिल सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें। जनगणना के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ भी 2 मई को किया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार के आवास से मकान सूचीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां सबसे पहले उनके घर का सर्वे किया गया। इस अवसर पर उन्होंने आम नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। प्रेस वार्ता एवं शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उदय शंकर प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। दरभंगा. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर आज जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने बताया कि जनगणना का पहला चरण 31 मई 2026 तक चलेगा। यह देश की 16वीं तथा स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है, जिसे इस बार पूरी तरह डिजिटल मोड में संपन्न कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि पहली बार आम नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना का विकल्प दिया गया था, जो 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चला। इस अभियान में दरभंगा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं मधुबनी प्रथम और वैशाली दूसरे स्थान पर रहे। जिले में कुल 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना पूरी की। जिले में जनगणना के प्रथम चरण के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके अंतर्गत 7655 मकान गणना ब्लॉक (HLB) गठित किए गए हैं। घर-घर सर्वे के लिए 7473 प्रगणकों और उनके पर्यवेक्षण के लिए 1268 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 801 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षक रिजर्व में रखे गए हैं। 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए जनगणना काम के सुचारू संचालन के लिए 4 मास्टर ट्रेनर और 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जिनके द्वारा सभी कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 34 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसके आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण (वास्तविक जनगणना) फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य सटीक और विश्वसनीय आंकड़ों का संग्रहण करना है, ताकि विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में सहायता मिल सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें। जनगणना के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ भी 2 मई को किया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार के आवास से मकान सूचीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां सबसे पहले उनके घर का सर्वे किया गया। इस अवसर पर उन्होंने आम नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। प्रेस वार्ता एवं शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उदय शंकर प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


