Flydubai विमान में सह-पायलट के हमले के बाद स्मित मच्छार ने कैसे बचाई यात्रियों की जान

Flydubai विमान में सह-पायलट के हमले के बाद स्मित मच्छार ने कैसे बचाई यात्रियों की जान

मुंबई, चार अक्टूबर इजराइल जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने कहा कि वह बिना मुकाबला किए हार नहीं मानना चाहते थे इसलिए कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोलने के लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी। मच्छार ने शनिवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान कहा, “उड़ान सामान्य तरीके से शुरू हुई थी। सह-पायलट प्रार्थना करना चाहता था, जैसा कि बहुत से स्थानीय लोग करते हैं और यह कोई असामान्य बात नहीं है।

जब वह प्रार्थना कर रहा था, तो सम्मान के कारण मैं सामने की ओर देख रहा था और पीछे मेरा ध्यान नहीं था।”
उन्होंने कहा, ‘‘अचानक, करीब चार या पांच मिनट बाद, मेरे सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार प्रहार हुआ। सबसे पहले मुझे लगा कि विमान को बहुत गंभीर नुकसान हुआ है और कुछ ठीक नहीं है।’’
मच्छार ने कहा, ‘‘लेकिन, फिर एक के बाद एक प्रहार होते रहे। तभी मुझे एहसास हुआ कि यह विमान की गड़बड़ी नहीं, बल्कि मेरे साथ कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति है।’’
मच्छार ने कहा कि उन्होंने सह-पायलट को रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में हुए प्रहारों के कारण उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया।

उन्होंने कहा, “उस समय मुझे यह भी महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था।”
मच्छार ने कहा, “मैंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन मुझे लगता है कि सह-पायलट ने उसे फिर से बंद कर दिया। इस समय मुझे याद है कि मैं कॉकपिट के फर्श पर पड़ा था और मुझे विमान के नीचे जाने तथा हवा के तेज आवाज करने का एहसास हो रहा था और लोग चीख रहे थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे अंदर उस समय आखिरी बार मुकाबला करने की ताकत बची थी। इसे निजी मामला कहें या लोगों के लिए, लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा।

तभी मैंने पूरी ताकत लगाई और दरवाजे की ओर बढ़कर उसे खोल दिया। शुक्र है कि लोग दरवाजे के बाहर मदद के लिए तैयार थे।’’
मीडिया की खबरों में ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी की पहचान उस सह-पायलट के तौर पर की गई है, जिसने मच्छार पर कॉकपिट में आपातकालीन उपकरण के तौर पर रखी जाने वाली ‘कुल्हाड़ी’ से हमला किया था।

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