कानपुर के कंपनी बाग स्थित एमराल्ड बिल्डिंग में मंगलवार को अग्निशमन विभाग की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहर में किसी भी आपातकालीन स्थिति, खासकर आग लगने की घटना के दौरान किस तरह से त्वरित और सुरक्षित तरीके से बचाव कार्य किया जाए, इसकी तैयारी को परखना और लोगों को जागरूक करना था। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल, दीपेंद्र नाथ चौधरी और फायर विभाग के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां रहने वाले लोगों को आग लगने की स्थिति में जरूरी सावधानियों के बारे में बताया। अधिकारियों ने कहा कि बिल्डिंग में पानी के प्वाइंट, कार्बन डाइऑक्साइड सिलेंडर और आने-जाने के रास्ते हमेशा खुले रहने चाहिए। सीढ़ियों या गलियारों में सामान रखकर रास्ता बंद नहीं करना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य में कोई बाधा न आए। ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें बेसमेंट में आग लगने का दृश्य तैयार किया गया। आग ज्यादा होने के कारण फायरकर्मियों को वहां पहुंचने में कठिनाई हुई। इसके बाद टीम ने रोबोट की मदद से आग पर काबू पाया और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा 33 मंजिला इमारत की 9वीं मंजिल पर आग लगने का भी अभ्यास किया गया। फ्लैट में फंसे लोगों को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड ने लिफ्ट के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल से आपदा के समय बेहतर समन्वय बनता है और लोगों में जागरूकता बढ़ती है, जिससे जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता है।


