Money Tips: कर्ज सुनते ही आम आदमी के मन में एक डर बैठ जाता है। लेकिन जो लोग सच में अमीर हैं, वे कर्ज से नहीं डरते, बल्कि उसे एक टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं। यही वह सबसे बड़ा फर्क है जो एक आम निवेशक और एक अमीर निवेशक की सोच के बीच होता है। अमीर बनने के पीछे असली राज सोचने के तरीके में छुपा है। अमीर लोग अलग सोच के जरिए ही न केवल अपने पैसे को सुरक्षित रख पाते है बल्कि उसे बढ़ाते भी रहते हैं।
कर्ज से अमीर बनने की कला
अमीर लोग कर्ज को बोझ नहीं मानते। वे 7 फीसदी की ब्याज दर पर लोन लेते हैं और उस पैसे को किसी ऐसे बिजनेस या निवेश में लगाते हैं जो 15 फीसदी रिटर्न दे रहा हो। इस अंतर का मुनाफा उनकी जेब में जाता है। यही स्मार्ट डेट (कर्ज) है। दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन से लाइफस्टाइल पर खर्च करना बुरा कर्ज है जो सिर्फ नुकसान देता है। सीधा नियम यह है कि जो कर्ज किसी ऐसी चीज में लगे जो आगे चलकर कमाई कराए, वह अच्छा कर्ज है और जो कर्ज खर्च हो जाए, कुछ न लौटाए, वह जाल है।
दौलत को इस तरह बचाओ
अमीर निवेशक पहले अपनी दौलत को सुरक्षित करते हैं, फिर उसे बढ़ाने की सोचते हैं। उनका पोर्टफोलियो कई परतों में बना होता है। सबसे नीचे एफडी, बॉन्ड और प्रॉपर्टी जैसी स्थिर चीजें होती हैं। उसके बाद इक्विटी और सबसे ऊपर हाई-रिस्क विकल्प। आम लोग अक्सर यही गलती करते हैं कि वे सीधे स्टॉक या क्रिप्टो में निवेश करने लगते हैं और स्थिर आधार बनाना भूल जाते हैं। इसका सीधा नुकसान होता है कि वे कर्ज में डूब जाते हैं।
लंबी सोच के साथ मैदान में उतरना
अमीर लोग अपनी पीढ़ियों के लिए संपत्ति बनाने की सोच रखते है यानी बहुत लंबे समय के लिए निवेश करते हैं। बाजार में गिरावट उनके लिए घबराहट नहीं, बल्कि खरीदारी का मौका होती है। वे जानते हैं कि हर गिरावट के बाद बाजार उठा है। वहीं, आम निवेशक घबराकर सबसे बुरे वक्त में शेयर या अपनी संपत्ति को बेच देता है और इस तरह नुकसान उठाता है।
इमरजेंसी फंड बदल देता है नजरिया
अमीर लोगों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड होता है। इसीलिए एक गलत निवेश से उन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन आम आदमी के पास आमतौर पर ऐसी व्यवस्था नहीं होती। इसलिए एक छोटा इमरजेंसी फंड बना लेने से रिस्क लेने की क्षमता बढ़ती है।
सिर्फ म्यूचुअल फंड नहीं है सोच
अमीर निवेशक प्राइवेट इक्विटी, अर्ली-स्टेज स्टार्टअप, विदेशी रियल एस्टेट और कमोडिटी जैसे विकल्पों में भी पैसा लगाते हैं। आम आदमी इन सबकी और ध्यान नहीं दे सकता, लेकिन फिर भी वह इक्विटी, डेट म्यूचुअल फंड और गोल्ड में पैसा लगाकर अपना पोर्टफोलियो बड़ा कर सकता है। इससे रिस्क कम हो जाता है।
विरासत की भी करते हैं प्लानिंग
अमीर परिवार सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए निवेश करते हैं। वसीयत, नॉमिनी और टैक्स-एफिशिएंट स्ट्रक्चर उनकी रणनीति का हिस्सा होते हैं। आम आदमी के लिए भी नॉमिनी जोड़ना और एक सादी वसीयत बनाना जरूरी है। यह आपकी बनाई हुई दौलत को सुरक्षित रखता है।
आज से शुरू करें ये 8 आदतें
- पहले स्थिर बेस बनाएं फिर रिस्की निवेश करें।
- लंबे समय की सोच रखें, बाजार की हर हलचल पर प्रतिक्रिया न दें।
- अच्छे और बुरे कर्ज में फर्क समझें।
- कर्ज सिर्फ उस चीज के लिए लें जो आगे कमाई कराए।
- इमरजेंसी फंड बनाएं, ताकि घबराहट में गलत फैसला न हो।
- पोर्टफोलियो को इक्विटी, डेट और गोल्ड में फैलाएं।
- घबराहट में कभी न बेचें।
- नॉमिनी और वसीयत जरूर बनाएं।


