FIH World Cup: बेहतर गोल औसत और डिफेंस के दम पर भारत मजबूत, इंग्लैंड के खिलाफ महामुकाबला

FIH World Cup: बेहतर गोल औसत और डिफेंस के दम पर भारत मजबूत, इंग्लैंड के खिलाफ महामुकाबला

 शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप में पहले दौर के अंतिम मैच में बृहस्पतिवार को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करके पूल डी की शीर्ष टीम के रूप में अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में प्रवेश करने के इरादे से उतरेगी।
पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने के बाद भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से रौंदकर अपना गोल ओसत सबसे बेहतर कर लिया है। भारत और चीन के पूल डी में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चार चार अंक हैं लेकिन भारत ने दो मैचों में आठ गोल किये और तीन ही गंवाये हैं जबकि चीन ने छह गोल किये और चार गंवाये हैं। बेहतर गोल औसत के आधार पर भारत शीर्ष पर है।
चीन से 2 -4 से हारी इंग्लैंड टीम के तीन अंक हैं यानी उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा जबकि भारत ड्रॉ खेलने पर भी अगले दौर में पहुंच जायेगा। दक्षिण अफ्रीका दोनों मैच हारकर दौड़ से बाहर ही हो चुका है जिसे आखिरी मुकाबला चीन से खेलना है।
कोच शोर्ड मारिन की भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अभी तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। पहले मैच में चीन की कठिन चुनौती के बावजूद ड्रॉ कराने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और अहम बात यह है कि छह गोल छह अलग अलग खिलाड़ियों ने किये। भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है लेकिन उन्होंने दबाव लिये बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया है।
भारत का पेनल्टी कॉर्नर भी बेहतर हुआ है जिसमें स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका के साथ शानदार फॉर्म में चल रही नवनीत कौर ने भी योगदान दिया है। दोनों खिलाड़ी अभी तक दो दो गोल कर चुकी हैं जबकि गोल के सामने बिछू देवी और 300 से अधिक मैच खेल चुकी अनुभवी सविता पूनिया ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया है। अब इंग्लैंड के सामने उनके लिये चुनौती कड़ी होगी चूंकि इस साल यह टीम हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर में भारत को 2-0 से हरा चुकी है।
भारतीय डिफेंस भी सुशीला चानू की अगुवाई में काफी मुस्तैद दिखा है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ दो पेनल्टी कॉर्नर गंवाये। इस साल विश्व कप क्वालीफायर और एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करने वाली नवनीत दोनों मैचों में पूरे मैदान पर नजर आई हैं और भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर भी बनाये हैं।
भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति एक ईकाई के रूप में खेली है और एक बार फिर लालरेम्सियामी, सुनेलिटा टोप्पो, नवनीत और दीपिका पर नजरें रहेंगी। हालांकि कोच मारिन को अभी भी प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश नजर आती है।
उन्होंने कहा ,‘‘ हमें चीन को ड्रॉ पर रोकने और दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद आंख बंद करके नहीं बैठना है। इंग्लैंड की टीम बहुत अच्छी है जिसने चीन को कड़ी चुनौती दी। वे रैंकिंग में हमसे ऊपर हैं और इस साल हमें हरा भी चुके हैं तो हमें संभलकर खेलना होगा। पासिंग और बेहतर करनी होगी क्योंकि कई बार हम इसमें ही पिछड़ जाते हैं।’’
दक्षिण अफ्रीका को 4 -0 से हराने वाली इंग्लैंड की टीम चीन से 2 -4 से हार गई थी। गेंद पर नियंत्रण बनाये रखने और पलटवार में माहिर इंग्लैंड के सामने भारतीय डिफेंस के लिये चुनौती आसान नहीं होगी लेकिन खुद को साबित करने के इरादे से खेल रही भारतीय खिलाड़ियों को अपने कौशल पर पूरा भरोसा है।
सविता ने टूर्नामेंट से पहले कहा था ,‘‘ किसी को हमसे उम्मीद हो या नहीं लेकिन हमें खुद से काफी उम्मीदें हैं। तोक्यो ओलंपिक 2020 से पहले भी किसी ने सोचा नहीं था कि हम चौथे स्थान पर रहेंगे। इस बार विश्व कप में हम एक कदम आगे निकलकर पोडियम पर रहना चाहते हैं ताकि पुरूष हॉकी की तरह भारतीय महिला हॉकी की भी एक समृद्ध विरासत हो। 

 शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच विश्व कप में पहले दौर के अंतिम मैच में बृहस्पतिवार को इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज करके पूल डी की शीर्ष टीम के रूप में अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में प्रवेश करने के इरादे से उतरेगी।
पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने के बाद भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से रौंदकर अपना गोल ओसत सबसे बेहतर कर लिया है। भारत और चीन के पूल डी में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चार चार अंक हैं लेकिन भारत ने दो मैचों में आठ गोल किये और तीन ही गंवाये हैं जबकि चीन ने छह गोल किये और चार गंवाये हैं।

बेहतर गोल औसत के आधार पर भारत शीर्ष पर है।
चीन से 2 -4 से हारी इंग्लैंड टीम के तीन अंक हैं यानी उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा जबकि भारत ड्रॉ खेलने पर भी अगले दौर में पहुंच जायेगा। दक्षिण अफ्रीका दोनों मैच हारकर दौड़ से बाहर ही हो चुका है जिसे आखिरी मुकाबला चीन से खेलना है।
कोच शोर्ड मारिन की भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अभी तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। पहले मैच में चीन की कठिन चुनौती के बावजूद ड्रॉ कराने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और अहम बात यह है कि छह गोल छह अलग अलग खिलाड़ियों ने किये।

भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है लेकिन उन्होंने दबाव लिये बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया है।
भारत का पेनल्टी कॉर्नर भी बेहतर हुआ है जिसमें स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका के साथ शानदार फॉर्म में चल रही नवनीत कौर ने भी योगदान दिया है। दोनों खिलाड़ी अभी तक दो दो गोल कर चुकी हैं जबकि गोल के सामने बिछू देवी और 300 से अधिक मैच खेल चुकी अनुभवी सविता पूनिया ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया है।

अब इंग्लैंड के सामने उनके लिये चुनौती कड़ी होगी चूंकि इस साल यह टीम हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर में भारत को 2-0 से हरा चुकी है।
भारतीय डिफेंस भी सुशीला चानू की अगुवाई में काफी मुस्तैद दिखा है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ दो पेनल्टी कॉर्नर गंवाये। इस साल विश्व कप क्वालीफायर और एफआईएच नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करने वाली नवनीत दोनों मैचों में पूरे मैदान पर नजर आई हैं और भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर भी बनाये हैं।

भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति एक ईकाई के रूप में खेली है और एक बार फिर लालरेम्सियामी, सुनेलिटा टोप्पो, नवनीत और दीपिका पर नजरें रहेंगी। हालांकि कोच मारिन को अभी भी प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश नजर आती है।
उन्होंने कहा ,‘‘ हमें चीन को ड्रॉ पर रोकने और दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद आंख बंद करके नहीं बैठना है। इंग्लैंड की टीम बहुत अच्छी है जिसने चीन को कड़ी चुनौती दी। वे रैंकिंग में हमसे ऊपर हैं और इस साल हमें हरा भी चुके हैं तो हमें संभलकर खेलना होगा। पासिंग और बेहतर करनी होगी क्योंकि कई बार हम इसमें ही पिछड़ जाते हैं।’’
दक्षिण अफ्रीका को 4 -0 से हराने वाली इंग्लैंड की टीम चीन से 2 -4 से हार गई थी।

गेंद पर नियंत्रण बनाये रखने और पलटवार में माहिर इंग्लैंड के सामने भारतीय डिफेंस के लिये चुनौती आसान नहीं होगी लेकिन खुद को साबित करने के इरादे से खेल रही भारतीय खिलाड़ियों को अपने कौशल पर पूरा भरोसा है।
सविता ने टूर्नामेंट से पहले कहा था ,‘‘ किसी को हमसे उम्मीद हो या नहीं लेकिन हमें खुद से काफी उम्मीदें हैं। तोक्यो ओलंपिक 2020 से पहले भी किसी ने सोचा नहीं था कि हम चौथे स्थान पर रहेंगे। इस बार विश्व कप में हम एक कदम आगे निकलकर पोडियम पर रहना चाहते हैं ताकि पुरूष हॉकी की तरह भारतीय महिला हॉकी की भी एक समृद्ध विरासत हो।

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