गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के पकहां गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष के दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान पकहां गांव निवासी कैलाश रावत के 45 वर्षीय बेटे बीरेंद्र रावत और 35 वर्षीय बेटे राम बाबू रावत के रूप में हुई है। दोनों का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। बताया जा रहा है कि पकहां गांव निवासी कैलाश रावत और उनके पाटीदारों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आज दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कैलाश रावत के बेटे रामबाबू और बीरेंद्र को गंभीर चोटें आईं, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। घायलों ने बताया कि आरोपी उनकी जमीन पर जबरन अपना नाद (पशुओं को चारा खिलाने का पात्र) रखे हुए थे। जब वे इसे देखने गए, तो आरोपियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के पकहां गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष के दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान पकहां गांव निवासी कैलाश रावत के 45 वर्षीय बेटे बीरेंद्र रावत और 35 वर्षीय बेटे राम बाबू रावत के रूप में हुई है। दोनों का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। बताया जा रहा है कि पकहां गांव निवासी कैलाश रावत और उनके पाटीदारों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आज दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कैलाश रावत के बेटे रामबाबू और बीरेंद्र को गंभीर चोटें आईं, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। घायलों ने बताया कि आरोपी उनकी जमीन पर जबरन अपना नाद (पशुओं को चारा खिलाने का पात्र) रखे हुए थे। जब वे इसे देखने गए, तो आरोपियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया।


