स्मार्ट सिटी की खुदाई ने बढ़ाया गैस संकट, पीएनजी लाइन कटते ही हजार घरों के चूल्हे ठंडे, ठेकेदार को नोटिस

स्मार्ट सिटी की खुदाई ने बढ़ाया गैस संकट, पीएनजी लाइन कटते ही हजार घरों के चूल्हे ठंडे, ठेकेदार को नोटिस

बरेली। शहर में पहले से चल रही एलपीजी किल्लत के बीच रविवार रात स्मार्ट सिटी परियोजना की लापरवाही ने करीब एक हजार परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। एयरफोर्स रोड स्थित परतापुर इलाके में हाईप्रेशर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे कई कॉलोनियों में करीब 15 घंटे तक गैस सप्लाई बंद रही। सुबह लोगों के घरों में चाय तक नहीं बन सकी और परिवारों को होटल, पड़ोसियों या फूड डिलीवरी का सहारा लेना पड़ा।

सीयूजीएल अधिकारियों के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सीसीटीवी कैमरों की ओएफसी लाइन डालने के लिए हॉरिजेंटल डायरेक्शनल ड्रिलिंग मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान अत्यधिक दबाव के कारण हाईप्रेशर पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और गैस रिसाव शुरू हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सीयूजीएल की टीम रात में मौके पर पहुंची और क्षेत्र की गैस सप्लाई बंद कर हालात को नियंत्रित किया। जांच में सामने आया कि नगर निगम स्मार्ट सिटी की ओर से बिना सीयूजीएल की अनापत्ति (एनओसी) लिए ही खुदाई शुरू कर दी गई थी। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी कर कार्रवाई की संस्तुति की है।

परतापुर से आलोक नगर तक हाहाकार

गैस लाइन क्षतिग्रस्त होने से परतापुर, पीरबहोड़ा, नॉर्थ सिटी, कूर्मांचल नगर और आलोक नगर समेत कई इलाके प्रभावित रहे। इन क्षेत्रों के करीब 1200 घरों में पीएनजी कनेक्शन हैं। अधिकांश परिवार एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए सुबह होते ही लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कूर्मांचल नगर निवासी कपिल ने बताया कि घर में गैस बंद होने के कारण सुबह चाय तक नहीं बन सकी। कई लोगों ने इंडक्शन पर खाना बनाया, जबकि कुछ परिवार पड़ोसियों के घर पहुंचे। कई लोग होटल और ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप से खाना मंगाने को मजबूर रहे।

बार-बार कट रही पीएनजी लाइन, बढ़ रही चिंता

शहर में पीएनजी लाइन कटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी महीने 16 दिन पहले सीबीगंज स्थित बीएल एग्रो परिसर में ऑयल लाइन बिछाने के दौरान हाईप्रेशर गैस लाइन कट गई थी, जिससे करीब 12 घंटे तक चार हजार घरों की सप्लाई ठप रही थी। इसके अलावा अप्रैल में पीलीभीत बाईपास रोड चौड़ीकरण के दौरान भी गैस लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्मार्ट सिटी और अन्य निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना समन्वय और सुरक्षा मानकों के हो रही खुदाई किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *