Esophageal Cancer: बिना वजह वजन कम होना और सीने में जलन हो सकता है एसोफेगल कैंसर का संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण और कारण

Esophageal Cancer: बिना वजह वजन कम होना और सीने में जलन हो सकता है एसोफेगल कैंसर का संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण और कारण

Esophageal Cancer Symptoms: हम में से ज्यादातर लोगों को कभी न कभी सीने में जलन, खट्टी डकारें या एसिडिटी की शिकायत हो ही जाती है। ऐसे समय में हम अक्सर क्या करते हैं? दुकान से जाकर एक गैस का सिरप या गोली ली, खा ली और राहत मानकर भूल गए। लेकिन अगर यही सीने की जलन हफ्ते-दर-हफ्ते बनी रहे और इसके साथ-साथ बिना किसी वजह के आपका वजन तेजी से कम होने लगे, तो यह सिर्फ पेट की मामूली गैस नहीं है। यह हमारी खुराक की नली या भोजन की नली का कैंसर भी हो सकता है, जिसे Esophageal Cancer (एसोफेगल कैंसर) कहते हैं। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और यह क्यों होती है।

क्या होता है यह Esophageal Cancer?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ग्रासनली का कैंसर तब होता है जब आपकी ग्रासनली में कैंसर कोशिकाएं बढ़ती हैं और ट्यूमर बनाती हैं। हमारे गले से लेकर पेट तक एक लंबी और खोखली नली जाती है। हम जो भी खाना खाते हैं या पानी पीते हैं, वह इसी रास्ते से होकर हमारे पेट में पहुंचता है। इस पाइप को ही हम भोजन की नली या खुराक की नली कहते हैं। जब किसी वजह से इस नली की अंदरूनी दीवार की कोशिकाएं (Cells) खराब होने लगती हैं और बिना वजह बेकाबू होकर बढ़ने लगती हैं, तो वे वहां एक गांठ या रुकावट बना देती हैं। इसी रुकावट और कोशिकाओं की अनियंत्रित बढ़ोतरी को भोजन की नली का कैंसर कहा जाता है।

शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

मेयो क्लिनिक के अनुसार, इस बीमारी की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जब यह शुरू होती है, तो इसके लक्षण इतने आम लगते हैं कि इंसान सोचता है कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, ये परेशानियां बढ़ने लगती हैं;

  • खाना गले में अटकना या निगलने में दर्द होना।
  • बिना किसी वजह के वजन का तेजी से घटना।
  • सीने में लगातार जलन या दर्द रहना।
  • आवाज का बैठ जाना और पुरानी खांसी।
  • खाना वापस मुंह में आना या उल्टी होना।

यह बीमारी होने के पीछे क्या-क्या मुख्य कारण होते हैं?

यह बीमारी अचानक एक दिन में नहीं होती। सालों तक हमारी कुछ आदतें या पेट की पुरानी बीमारियां भोजन की नली को नुकसान पहुंचाती रहती हैं;

  • लंबे समय से भयंकर एसिडिटी रहना (GERD)।
  • बीड़ी, सिगरेट और गुटखे का सेवन।
  • शराब की आदत।
  • बहुत ज्यादा गर्म चाय, सूप या खाना खाने की आदत।
  • खानपान में हरी सब्जियों और फलों की कमी।

इससे बचाव के लिए क्या करें?

अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो अपनी जीवनशैली में थोड़े से बदलाव करके इस खतरे से बचा जा सकता है। सबसे पहले तंबाकू, सिगरेट और शराब से पूरी तरह दूरी बना लें। अगर आपको सालों पुरानी एसिडिटी की शिकायत है तो डॉक्टर से उसका पक्का इलाज करवाएं ताकि तेजाब आपकी नली को न जलाए। इसके अलावा बहुत तेज गर्म चाय-कॉफी पीने से परहेज करें और अपनी थाली में ताजे फल और हरी सब्जियां बढ़ाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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