हांसी समाधान शिविर में घंटों लाइन में खड़े रहे बुजुर्ग:बैठने की व्यवस्था नहीं, फरियादियों ने जताई नाराजगी, बोले- शिकायत पर समाधान नहीं

हांसी समाधान शिविर में घंटों लाइन में खड़े रहे बुजुर्ग:बैठने की व्यवस्था नहीं, फरियादियों ने जताई नाराजगी, बोले- शिकायत पर समाधान नहीं

हरियाणा के हांसी में गुरूवार को जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में अव्यवस्थाओं के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन जहां आम जनता की समस्याएं सुनने का दावा कर रहा था, वहीं सीनियर सिटीजन को घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान एडीसी लक्षित शरीन, भाजपा हांसी जिला अध्यक्ष अशोक सैनी और महामंत्री धर्मवीर रतेरिया भी मौजूद थे। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा बैठने की उचित व्यवस्था न होने के कारण विशेषकर बुजुर्गों को काफी कठिनाई हुई। समाधान शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गए कई बुजुर्गों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि समाधान शिविर अब केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, क्योंकि बार-बार आने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।एडीसी लक्षित शरीन ने शिविर में आई शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सड़क की सैंपलिंग पर सवाल उठाए विकास नगर निवासी रिटायर्ड कर्मचारी महावीर सहरावत ने हिसार चुंगी से सैनिक स्कूल तक बनी सड़क की सैंपलिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पहले भी शिकायत के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग ने उनकी अनुपस्थिति में ही सैंपलिंग कर रिपोर्ट तैयार कर दी थी। इस पर एडीसी ने दोबारा सैंपलिंग के आदेश देते हुए फरियादी की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दिव्यांग पेंशन और बुढ़ापा पेंशन से जुड़ी कई समस्याएं भी सामने आईं शिविर में दिव्यांग पेंशन और बुढ़ापा पेंशन से जुड़ी कई समस्याएं भी सामने आईं। राशन कार्ड से संबंधित शिकायतों पर एडीसी ने स्पष्ट किया कि जिन कार्डधारकों ने 12 महीने तक राशन नहीं लिया है, उनके कार्ड अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। पानी निकासी की समस्या सहित कई मामले सामने आए इसके अतिरिक्त, मुल्तान कॉलोनी में गड्ढों और पानी निकासी की समस्या, मॉडल टाउन निवासी सतीश कुमार द्वारा कन्वेंस डीड को लेकर तीन साल से लग रहे चक्करों की शिकायत, और आमटी तालाब की बिगड़ी व्यवस्था को लेकर भी फरियादी पहुंचे। लोग बोले नहीं हुआ समाधान आशुतोष बंसल ने बताया कि कभी लोगों के घूमने-फिरने का प्रमुख स्थान रहा आमटी तालाब अब गंदगी और कचरे के ढेर के कारण उपेक्षा का शिकार हो गया है। गांव मसूदपुर से आए सुशील कुमार ने भी कहा कि वह कई बार शिविर में आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक समाधान नहीं हुआ।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन आगामी समाधान शिविरों में बुजुर्गों और अन्य फरियादियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर पाएगा, या फिर यह शिविर यूं ही औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।

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