सीकर में आज नीट (NEET-UG) परीक्षा का पेपर रद्द होने पर कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसजनों ने जिला कलेक्ट्रेट के गेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस मौके पर धोद प्रत्याशी जगदीश दानोदिया और शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजेश सैनी भी मौजूद रहे। कांग्रेसजनों ने कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कहा कि 22 लाख स्टूडेंट्स ही नहीं 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे हैं। परीक्षा से पहले पेपर बाजार में आ गया, ये केंद्र सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। बच्चे और उनके पेरेंट्स NEET एग्जाम की तैयारी को एक तपस्या की तरह करते हैं। पेपर लीक होने के कारण बच्चों की मेहनत बर्बाद हो गई। संबंधित केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पर बोलने से बच रहे हैं। निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि NEET पेपर लीक की वजह से शिक्षा नगरी सीकर की छवि को नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की गलतियों की वजह से आज लोग सीकर के एज्युकेशन सिस्टम को संदेह की नजरों से देख रहे हैं। ऐसे में अब इस पेपर लीक की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि सीकर में फिर से स्टूडेंट्स बिना किसी डर के तैयारी कर सकें। भजनलाल सरकार बार-बार दावा करती है कि पेपरलीक के आरोपियों को पकड़ा है तो इस पेपरलीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कोतवाली सब इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा मय जाब्ता मौजूद रहे। कांग्रेसजनों ने इस मामले में कलेक्टर से बात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया। गौरतलब है कि सीकर वर्तमान में कोटा के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां हर साल लगभग 2.5 लाख स्टूडेंट्स NEET-JEE की तैयारी करते हैं।


