नवादा जिला समाहरणालय के डीआरडीए सभागार में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सांसद विवेक ठाकुर, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, बैठक के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के विपरीत थी। कई नेताओं और अधिकारियों की गाड़ियां चालू हालत में थीं और उनके एयर कंडीशनर चल रहे थे। नवादा सांसद विवेक ठाकुर की गाड़ी में ड्राइवर एयर कंडीशनर चलाकर बैठे थे। रजौली और गोविंदपुर के विधायकों की गाड़ियों में भी यही स्थिति देखने को मिली। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के वाहनों में भी ऐसा ही नजारा था। जब मीडियाकर्मियों की नजर इन गाड़ियों पर पड़ी और कैमरे सामने आए, तो कई लोगों ने तुरंत अपनी गाड़ियां बंद कर दीं। कुछ लोगों ने सवालों से बचने की कोशिश भी की। यह घटना प्रधानमंत्री की अपील के पालन को लेकर सवाल खड़े करती है। ऐसा प्रतीत होता है कि जनता से की गई अपील का असर नेताओं और अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है, जबकि उन्हें स्वयं इसका उदाहरण पेश करना चाहिए। बता दे कि जैसे ही कैमरा पर लोगों की नजर पड़ी है धीरे-धीरे यहां से गाड़ियों की काफिला भी एक-एक करके निकलना शुरू हो गया। अभी अंदर में बैठक निगरानी समिति का चल रहा है लेकिन धीरे-धीरे गाड़ियों को बाहर निकाला जा रहा है। लोगों में खलबली मच चुकी है। आम जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को मान रहे हैं लेकिन शायद इन लोगों को प्रधानमंत्री की बात ठीक नहीं लग रही है जिसके कारण ही इस तरह की तस्वीर नवादा से सामने निकल कर आई है। नवादा जिला समाहरणालय के डीआरडीए सभागार में निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सांसद विवेक ठाकुर, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, बैठक के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के विपरीत थी। कई नेताओं और अधिकारियों की गाड़ियां चालू हालत में थीं और उनके एयर कंडीशनर चल रहे थे। नवादा सांसद विवेक ठाकुर की गाड़ी में ड्राइवर एयर कंडीशनर चलाकर बैठे थे। रजौली और गोविंदपुर के विधायकों की गाड़ियों में भी यही स्थिति देखने को मिली। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के वाहनों में भी ऐसा ही नजारा था। जब मीडियाकर्मियों की नजर इन गाड़ियों पर पड़ी और कैमरे सामने आए, तो कई लोगों ने तुरंत अपनी गाड़ियां बंद कर दीं। कुछ लोगों ने सवालों से बचने की कोशिश भी की। यह घटना प्रधानमंत्री की अपील के पालन को लेकर सवाल खड़े करती है। ऐसा प्रतीत होता है कि जनता से की गई अपील का असर नेताओं और अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है, जबकि उन्हें स्वयं इसका उदाहरण पेश करना चाहिए। बता दे कि जैसे ही कैमरा पर लोगों की नजर पड़ी है धीरे-धीरे यहां से गाड़ियों की काफिला भी एक-एक करके निकलना शुरू हो गया। अभी अंदर में बैठक निगरानी समिति का चल रहा है लेकिन धीरे-धीरे गाड़ियों को बाहर निकाला जा रहा है। लोगों में खलबली मच चुकी है। आम जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को मान रहे हैं लेकिन शायद इन लोगों को प्रधानमंत्री की बात ठीक नहीं लग रही है जिसके कारण ही इस तरह की तस्वीर नवादा से सामने निकल कर आई है।


