पिपलीनाका से गढ़ कालिका मंदिर होते हुए ओखलेश्वर श्मशान तक और पिपलीनाका से भैरवगढ़ जेल चौराहा तक के दोनों मार्ग की चौड़ाई को लेकर फिर विरोधाभास सामने आया है। यूडीए दोनों मार्ग पर 30 मीटर यानी करीब 100 फीट के हिसाब से समतलीकरण व पोल लगाने का काम करवा रही है। कार्यपालन यंत्री कुलदीप रघुवंशी बताते हैं कि हमारे पास चौड़ाई कम करने का निर्देश नहीं है। जबकि विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा दावा करते हैं कि 24 मीटर चौड़ाई यानी करीब 80 फीट के हिसाब से चौड़ीकरण होना चाहिए। एजेंसी से गलती हो रही है, उसे दिखवाते है।
सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए शासन ने पिपलीनाका-भैरवगढ़ क्षेत्र के दो मार्ग सिक्स लेन करने की प्लानिंग की थी। फरवरी-मार्च में यूडीए ने दोनों मार्गों को 30 मीटर यानी 100 फीट चौड़ाई के लिए मार्किंग करवाई थी। रहवासियों ने विरोध जताया था, क्योंकि वे 80 फीट चौड़ीकरण की मांग पर अड़े थे। तब क्षेत्रीय विधायक कालूहेड़ा भी इस मांग को जायज ठहराते हुए रहवासियों के समर्थन में आगे आए थे। जनता द्वारा भाजपा कार्यालय का घेराव करने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और भोपाल तक इसकी सूचना गई। विरोध के बीच शुरू हुआ था काम, रहवासी क्षेत्र में गतिविधि नहीं
चौड़ीकरण के लिए जिम्मेदारों ने भैरवगढ़ पुल से और गढ़कालिका मंदिर के पीछे से कालभैरव मंदिर पहुंच मार्ग पर समतलीकरण का काम शुरू करवाया था। यह कार्य 30 मीटर चौड़ाई के हिसाब से ही किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी की रहवासी क्षेत्र में फिलहाल कोई गतिविधि नहीं है। इससे उम्मीद हैं कि चौड़ाई रिवाइज होकर आएगी, लेकिन निर्माण एजेंसी फिलहाल ऐसा कुछ भी होने से इनकार कर रही हैं। बहरहाल मार्ग की चौड़ाई को लेकर संशय बरकरार है। दोनों मार्ग 24 मीटर होना है पिपलीनाका वाले दोनों मार्ग 24 मीटर के हिसाब से चौड़े होना है। यदि 30 मीटर के हिसाब से पोल लगाए जा रहे हैं तो एजेंसी से गलती हो रही हैं, उसे दिखवाएंगे।
अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक, उत्तर चौड़ाई रिवाइज के निर्देश नहीं हमें तो 30 मीटर के हिसाब से ही कार्य करने के निर्देश हैं। उसी आधार पर तेजी से काम कर रहे हैं। चौड़ाई रिवाइज व कम करने का हमें कोई नया आदेश नहीं है।
कुलदीप रघुवंशी, कार्यपालन यंत्री यूडीए


