Ear Bleeding: कान से खून आना मामूली नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया चोट से लेकर इंफेक्शन तक ये हो सकती हैं वजहें

Ear Bleeding: कान से खून आना मामूली नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया चोट से लेकर इंफेक्शन तक ये हो सकती हैं वजहें

Ear Bleeding Cause: कान हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील और जरूरी अंगों में से एक हैं। अक्सर लोग कान में हल्की खुजली या मैल (earwax) होने पर बड, चाबी या कोई भी नुकीली चीज डालकर साफ करने लगते हैं। लेकिन कई बार कान से अचानक खून की कुछ बूंदें या खून मिला तरल पदार्थ निकलने लगता है। ऐसी स्थिति देखते ही मन में घबराहट होना स्वाभाविक है। कान से खून बहना (Ear Bleeding) कोई आम बात नहीं है। यह इस बात का साफ इशारा है कि कान के अंदरूनी हिस्से में कोई खराबी, चोट या इंफेक्शन हुआ है। कई बार यह साधारण वजह से होता है, तो कभी-कभी इसके पीछे कोई गंभीर डॉक्टरी समस्या भी छिपी हो सकती है। आइए समझते हैं कि कान से खून आने के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और ऐसी स्थिति में आपको क्या कदम उठाने चाहिए।

कान से खून आने के मुख्य कारण

राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र (एनसीबीआई) के अनुसार, कान के तीन मुख्य हिस्से होते हैं बाहरी कान, मध्य कान और अंदरूनी कान। खून बहने की वजह इस बात पर निर्भर करती है कि कान के किस हिस्से में समस्या हुई है:

  • कान का पर्दा फटना (Ruptured Eardrum)।
  • कान में बाहरी चीज या चोट लगना।
  • बैक्टीरिया या वायरस का गंभीर इंफेक्शन (Ear Infection)।
  • सिर पर गंभीर चोट (Head Injury)।
  • हवा का दबाव अचानक बदलना (Barotrauma)।
  • कान में ट्यूमर या कैंसर।

कान से खून आने के साथ दिखने वाले अन्य लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कान से ब्लीडिंग अपने आप में एक लक्षण है, लेकिन इसके साथ ही मरीज को कई और परेशानियां भी महसूस हो सकती हैं;

  • कान में अचानक बहुत तेज दर्द होना या फिर दर्द का अचानक एकदम से बंद हो जाना।
  • कान में भारीपन या ऐसा लगना जैसे कान बंद हो गया है।
  • कम सुनाई देना या आवाज का धुंधला/गूंजता हुआ लगना।
  • कान के अंदर सीटी बजने जैसी आवाजें आना (Tinnitus)।
  • सिर घूमना, चक्कर आना या शरीर का संतुलन बनाने में दिक्कत होना।
  • कान से बदबूदार पानी या पीला मवाद निकलना।
  • बुखार और कान के आसपास की त्वचा में लालिमा या सूजन।

डॉक्टर के पास कब जाना है जरूरी?

कान से खून आने की स्थिति को कभी भी घर पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपको या आपके घर में किसी को यह समस्या हो रही है, तो बिना देर किए ईएनटी (ENT – कान, नाक, गला) विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। विशेष रूप से इन परिस्थितियों में तुरंत इमरजेंसी में जाएं;

  • सिर पर किसी भी तरह की चोट लगने के बाद कान से खून आया हो।
  • खून आने के साथ-साथ बहुत तेज चक्कर आ रहे हों या उल्टी आ रही हो।
  • मरीज बेहोश हो रहा हो या उसकी बोलने में आवाज लड़खड़ा रही हो।
  • कान से खून बहना रुक ही न रहा हो और दर्द असहनीय हो जाए।

कान से खून आने पर क्या करें और क्या न करें?

जब तक आप डॉक्टर के पास नहीं पहुंचते, तब तक कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि स्थिति और न बिगड़े:

  • कान के बाहरी हिस्से को रुई या साफ सूती कपड़े से हल्के से पोंछ लें।
  • बैठ जाएं और अपने सिर को थोड़ा सा उसी तरफ झुका लें जिस कान से खून आ रहा है, ताकि खून आसानी से बाहर निकल सके।
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई एंटीबायोटिक या ईयर ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल करें।

क्या बिल्कुल न करें

  • कान के अंदर कोई रुई, कपड़े की पट्टी या टिश्यू पेपर ठूंसकर खून रोकने की कोशिश बिल्कुल न करें।
  • बिना डॉक्टर से पूछे कान में कोई भी तेल, घरेलू नुस्खा या दवा/ड्रॉप्स न डालें।
  • कान में कोई भी नुकीली चीज, कॉटन बड या उंगली न डालें।
  • जब तक डॉक्टर मना न करें, तब तक कान में पानी न जाने दें। नहाते समय विशेष सावधानी बरतें और तैरने (swimming) से बचें।

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