हरदोई के लोनार कोतवाली क्षेत्र के बिस्कुला गांव में रविवार दोपहर एक ई-रिक्शा चालक की करंट लगने से मौत हो गई। 37 साल के रामशरण मोटर का तार लगाते समय हादसे का शिकार हुए। उन्हें बचाने दौड़ी उनकी साली ज्योति भी करंट के झटके से दूर जा गिरी। रामशरण गंभीर रूप से झुलस गए थे। परिजन उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने रविवार दोपहर उन्हें मृत घोषित कर दिया। रामशरण बिस्कुला गांव के निवासी थे और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। उनके पिता रामकुमार ने बताया कि उनके चार बेटे भगवान शरण, रामशरण, प्रवीण और श्यामशरण थे।
परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। भगवान शरण की हार्ट अटैक से और श्यामशरण की सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। वहीं, दो साल पहले प्रवीण लापता हो गए थे और उनका अब तक कोई पता नहीं चला है। रामशरण की मौत के बाद उनकी इकलौती बहन अंजू गहरे सदमे में हैं। मेडिकल कॉलेज में रामकुमार के तीन पुत्रों की मौत और एक के लापता होने की जानकारी मिलने पर लोग उन्हें ढाढ़स बंधाने पहुंचे। रामशरण के परिवार में उनकी पत्नी माधुरी, एक पुत्री और दो पुत्र हैं। परिजनों ने आपसी सहमति से बिना पोस्टमार्टम कराए शव गांव ले जाने का निर्णय लिया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए।


