ड्राइविंग लाइसेंस में नाम और पता बदलवाने पर लगने वाला शुल्क जल्द ही खत्म हो सकता है। इसके साथ, लाइसेंस पर चालक का ‘ब्लड ग्रुप’, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य करने की तैयारी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लाइसेंस संबंधी नियमों के मसौदे में इन बदलावों का प्रस्ताव रखा है।
मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन के लिए यह मसौदा जारी किया है। मंत्रालय ने भारतीय और विदेशी नागरिकों को जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अलग-अलग रंग योजना रखने का भी प्रस्ताव किया है। मसौदे के अनुसार, लाइसेंस में नाम और पते जैसे व्यक्तिगत विवरण बदलने के आवेदनों पर लाइसेंसिंग प्राधिकरणों को 15 दिन के भीतर फैसला करना होगा।
आवेदन खारिज करने की स्थिति में उन्हें इसकी वजह भी बतानी होगी। मंत्रालय ने उम्र और पते के प्रमाण के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट या नोटरी के समक्ष शपथपत्र देने की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। इसके बजाय आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र सहित विभिन्न दस्तावेजों को पहचान, उम्र और निवास के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की बात कही गई है।
मसौदे में उम्र और पते के प्रमाण के तौर पर शपथपत्र और जीवन बीमा पॉलिसी स्वीकार करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, आधार सत्यापन के जरिये पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के लिए शुल्क में छूट देने की भी योजना है। मंत्रालय ने सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े ऑनलाइन पाठ्यक्रम के आकलन में उत्तीर्ण होने के लिए जरूरी अंकों की सीमा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बदलाव के ये प्रस्ताव आकलन प्रावधानों को सख्त बनाने के मकसद से रखे गए हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) कार्ड के रूप में जारी या नवीनीकृत किए जाएंगे। मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना पर संबंधित पक्षों से प्रकाशन की तारीख से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

